अयोध्या: 20 लाख की आबादी सिर्फ 22 फिजीशियन के भरोसे
अमृत विचार, अयोध्या। शासन और स्वास्थ्य विभाग लाख दावे करे लेकिन बारिश के बाद फैली बीमारियों की रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर कोई खास इंतजाम नहीं दिखता हैं। स्थिति यह है कि कुल 47 सीएचसी – पीएचसी मिला कर मात्र 22 फिजीशियन ही हैं। जबकि पूरे जिले की आबादी बीस लाख के ऊपर है, …
अमृत विचार, अयोध्या। शासन और स्वास्थ्य विभाग लाख दावे करे लेकिन बारिश के बाद फैली बीमारियों की रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर कोई खास इंतजाम नहीं दिखता हैं। स्थिति यह है कि कुल 47 सीएचसी – पीएचसी मिला कर मात्र 22 फिजीशियन ही हैं। जबकि पूरे जिले की आबादी बीस लाख के ऊपर है, ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग की सारी व्यवस्था कितनी कारगर साबित हो रही है।
रोजाना मौसम में हो रहे बदलाव से बीमारियां कम नहीं हो रही है। खांसी-जुकाम, बुखार, टायफाइड के साथ डेंगू डंक मार रहा है। सरकारी अस्पतालों में सुबह से मरीजों की लंबी लाइनें लग रही है। हालत यह है कि मरीजों को सही तरीके से देखने का डाक्टरों को समय भी नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुट जाती है। पैथालॉजी में जांच के लिए घंटों लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। सीएचसी पीएचसी के भी यही हालत है।
जिला अस्पताल में रोजाना औसतन एक हजार मरीज ओपीडी में पहुंच रहे है। गुरुवार को कुल 926 मरीज ओपीडी में पहुंचे। खास बात यह है कि ओपीडी में आने वाले करीब 70 फीसदी मरीज खांसी-जुकाम व बुखार से पीड़ित होते है। वर्तमान में ही जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में सात मरीज अभी भी भर्ती है। अब तक भर्ती हुए 17 मरीजों में से एक को लखनऊ रेफर किया गया है। श्रीराम अस्पताल अयोध्या में भी मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। यहां भी मौसमी बीमारियों की चपेट में आकर रोजाना 400 से 500 मरीज आ रहे हैं। सीएमएस डा सत्येन्द्र सिंह का कहना है कि बदलते मौसम के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। बारिश के बाद निकली धूप से बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैलता है।
डेंगू के मिले 117 केस, 75 हाई रिस्क एरिया चिह्नित
अमृत विचार, अयोध्या। जिले में अब तक डेंगू के कुल 117 मरीज सामने आए हैं। वहीं गत वर्ष जिले में डेंगू के कुल 570 मरीज पाए गए थे। अभी डेंगू का प्रकोप पीक पर है ऐसे में इस बार भी मरीजों की संख्या बढ़नी तय है। डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर में कुल 75 हाई रिस्क एरिया चिह्नित किए हैं। जहां सर्वाधिक मरीज पाए जा रहे हैं।
शहरी क्षेत्र में शिवनगर कॉलोनी, नाका, पहाड़गंज, घोसियाना, तिलकनगर कॉलोनी, जनौरा हाई रिस्क एरिया चिह्नित किए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डा मंजुला आनंद ने बताया कि सभी 11 ब्लाकों में रैपिड रिस्पान्स टीम लगाई गई है। हर टीम में पांच – पांच कर्मी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्र में पांच टीम अतिरिक्त लगाई गई है। कहीं भी डेंगू का एक केस पाया जाता है तो संबधित इलाके का 24 से 48 घंटे के भीतर सर्वे कराया जाता है। दावा किया कि लगातार निरोधात्मक उपचार एवं बचाव किया जा रहा है।
निजी पैथोलॉजी को भी निर्देश
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि निजी पैथोलॉजी को भी निर्देश दिए गए हैं कि उनके यहां डेंगू मरीज चिह्नित होते हैं तो तत्काल रिपोर्ट करें। जिला अस्पताल और दर्शननगर मेडिकल कॉलेज से भी नियमित रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है।
विभागों में समन्वय का अभाव
एक से 31 अक्टूबर तक चलाए जा रहे विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान में विभागों में समन्वय का अभाव है। सभी निकायों के साथ स्वास्थ्य विभाग और जिला पंचायती राज समेत कुल 16 विभाग लगाए गए हैं। इनके बीच आपसी समन्वय न होने के कारण संचारी रोग नियंत्रण अभियान प्रभावी नहीं हो पा रहा है। जबकि सीडीओ की ओर से अभियान को लेकर चार बार बैठक की जा चुकी है। निर्देश के बाद भी अभी तक कामन व्हाटसअप ग्रुप तक नहीं बना है। सीएमओ डॉ. अजय राजा ने बताया कि सीमित संसाधनों में विभाग पूरी तरह से गंभीरता से कार्य कर रहा है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी बेहतर चल रहा है। जिले में फिलहाल डेंगू का कोई भयावह प्रकोप नहीं है।
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