सऊदी अरब का महिलाओं के लिए ऐतिहासिक फैसला, बिना पुरुष अभिभावक के कर सकेंगी हज
रियाद। सऊदी अरब ने महिलाओं को बड़ी राहत दी है। सऊदी अरब ने फैसला किया है कि महिलाओं को अब हज और उमराह के लिए पुरुष अभिभावक या महरम के साथ जाने की आवश्यकता नहीं है। अब महिलाएं बिना मेहरम के भी हज या उमराह कर सकती हैं। सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्री, …
रियाद। सऊदी अरब ने महिलाओं को बड़ी राहत दी है। सऊदी अरब ने फैसला किया है कि महिलाओं को अब हज और उमराह के लिए पुरुष अभिभावक या महरम के साथ जाने की आवश्यकता नहीं है। अब महिलाएं बिना मेहरम के भी हज या उमराह कर सकती हैं। सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्री, तौफीक बिन फ़ौज़ान अल-रबियाह ने एक बयान में कहा कि निर्णय दुनिया भर के तीर्थयात्रियों पर लागू होंगे। सऊदी अरब ने रियाद में इस ऐतिहासिक फैसले की घो षणा की है। सऊदी किंगडम ने कहा कि इस फैसले से महिलाओं की जिंदगी आसान हो जाएगी।
क्या थे हज और उमराह के नियम
इससे पहले, महिलाओं और बच्चों को बिना अभिभावक के हज और उमराह करने की इजाज नहीं थी। महिलाओं इसके लिए एक ऐसे शख्स की जरूरत थी, जो पूरे हज के दौरान उनके साथ रहे। इससे महिलाओं के लिए हज करना थोड़ा महंगा और मुश्किल हो गया, क्योंकि उन्हें अपने साथ लाने के लिए मेहरम ढूंढ़नी पड़ी। सऊदी साम्राज्य का मानना है कि इस निर्णय से सामाजिक आर्थिक समस्याओं वाली महिलाओं के लिए हज और उमराह करना आसान हो जाएगा। इस्लाम में कहा गया है कि जो लोग इसमें काबिल हैं, या जो इसे वहन कर सकते हैं, उनके लिए हज करना लाजिमी है।
छवि बदलने की कोशिश में है सऊदी अरब
हज मंत्रालय ने यह भी बताया कि कानून में उत्पीड़न विरोधी ढांचे सहित एक मजबूत बुनियादी ढांचा लागू किया गया है, और निर्णय महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। इतना ही नहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हवाई अड्डों, सीमा पार बंदरगाहों, भव्य मस्जिद, पैगंबर की मस्जिद और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा कैमरे लगाए गए हैं।
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