मुरादाबाद : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने सब अच्छा दिखाने की कोशिश में अधिकारी

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मुरादाबाद,अमृत विचार। पांच महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीसरी बार जिले में आ रहे हैं। कभी राजनीतिक, कभी धार्मिक तो कभी सरकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक और उद्यमियों से संवाद के बहाने उनकी यहां पैनी नजर है। मुख्यमंत्री को सब कुछ अच्छा दिखाने के लिए शुक्रवार को पूरा दिन अधिकारी फाइल दुरुस्त करने व अन्य …

मुरादाबाद,अमृत विचार। पांच महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीसरी बार जिले में आ रहे हैं। कभी राजनीतिक, कभी धार्मिक तो कभी सरकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक और उद्यमियों से संवाद के बहाने उनकी यहां पैनी नजर है। मुख्यमंत्री को सब कुछ अच्छा दिखाने के लिए शुक्रवार को पूरा दिन अधिकारी फाइल दुरुस्त करने व अन्य व्यवस्थाओं में जुटे रहे।

आज बुद्धि विहार में आर्यवीर महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री शामिल होने आ रहे हैं। वह एक घंटे इस कार्यक्रम में रहेंगे। हालांकि, इसके पहले जब वह सर्किट हाउस में बने हेलीपैड पर उतरेंगे तो कुछ मिनट यहां रुकने के बाद कार्यक्रम स्थल पर जाएंगे। इस चंद मिनट में अधिकारियों की कहीं क्लास मुख्यमंत्री न लगा दें इससे उनकी सांस अटकी हैं। उन्होंने तीन सितंबर को सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ योजनाओं की समीक्षा बैठक की थी। सड़कों की खराब दशा, मैनाठेर गोशाला में इंतजाम में कमी दूर कराने का निर्देश दिया था। साथ ही केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू करने की हिदायत दी थी।

इसके पहले मुख्यमंत्री ने 21 जून को मूंढापांडे हवाई पट्टी पर यूपी बोर्ड के मेधावियों को सम्मानित किया था। जिसमें मुरादाबाद की बेटी संस्कृति ठाकुर को हाईस्कूल की परीक्षा में प्रदेश टापर और ओवरआल परिणाम में दूसरा स्थान लाने पर शाबासी दी थी। प्रदेश की मेरिट लिस्ट में आने वाले इंटर के मेधावी जतिन राज की भी उन्होंने सराहना की थी। अधिकारियों के साथ मुलाकात में ईमानदारी के साथ काम कर बेहतर परिणाम लाने का निर्देश दिया था।

उन्होंने एमडीए की ओर से बनाए जा रहे भव्य प्रवेश द्वार, मोढ़ा तैय्या में एक करोड़ रुपये की लागत से झील के सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास भी किया था। हर बार मुख्यमंत्री के सामने जब भी अधिकारी पड़े तो उन्होंने योजनाओं में कतई शिथिलता न बरतने के लिए कहकर जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया था। इससे सहमे अधिकारी गुरुवार और शुक्रवार को पूरे दिन भागदौड़ में लगे रहे। कार्यक्रम स्थल और सर्किट हाउस में सभी इंतजाम दुरुस्त कराने के साथ ही बैठक कर फाइलों को सही कराने में लगे रहे।

नप न जाए किसी पुलिस अधिकारी की गर्दन
जिले में खनन माफिया पर प्रभावी अंकुश न लगाने वाले पुलिस अधिकारियों पर मुख्यमंत्री का सामना कहीं भारी न पड़ जाए। ठाकुरद्वारा में उप जिलाधिकारी पर हमला करने, बंधक बनाने के मामले में शिथिलता और इसके बाद उत्तराखंड की सीमा में खनन माफिया को पकड़ने गई पुलिस के पिटने की विफलता अधिकारियों की गर्दन पर तलवार बनकर लटक रही है। पुलिस अधिकारी एक दूसरे पर दोष मढ़ने की जुगत में हैं।

मुख्यमंत्री के निशाने पर हैं कई लापरवाह
अवैध खनन पर अंकुश न लगाने में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शासन के निशाने पर हैं। पुलिस की भद्द अपने प्रदेश में ही नहीं उत्तराखंड में पिटने से साख पर बट्टा लगने का खामियाजा किसी न किसी को भुगतना तय माना जा रहा है। वहीं भोजपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के शोषण करने और इसके बाद उसकी सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की विफलता सामने आई थी। इसकी गूंज मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी। जिस पर खुद मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों से दो टूक कहा था यदि उनके बस की बात नहीं तो बताएं मुख्यमंत्री कार्यालय इसे देख लेगा।

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