पर्दाफाश : प्राचीन आनंदी माता मंदिर में चोरी करने वाला गिरफ्तार
अमृत विचार , लखनऊ। चौक कोतवाली अन्तर्गत प्राचीन आनंदी माता मंदिर में शनिवार को चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले चोर को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। करीब एक सप्ताह बाद पुलिस ने मंदिर में हुई चोरी का पर्दाफाश करते हुए प्रदीप उर्फ कालिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की मानें …
अमृत विचार , लखनऊ। चौक कोतवाली अन्तर्गत प्राचीन आनंदी माता मंदिर में शनिवार को चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले चोर को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। करीब एक सप्ताह बाद पुलिस ने मंदिर में हुई चोरी का पर्दाफाश करते हुए प्रदीप उर्फ कालिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की मानें तो प्रदीप एक फीट चौड़ी जगह से मंदिर में दाखिल हुआ था। इसके बाद उसने दानपात्र का ताल तोड़कर उसमें रखी नकदी और माता पर गहने साफ दिए थे।
इस सम्बन्ध में डीसीपी वेस्ट, एस चिन्नप्पा के मुताबिक चौक पुलिस ने शनिवार की सुबह सीतापुर जनपद के महमूदाबाद निवासी प्रदीप उर्फ कालिया को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक प्लास्टिक के बोरी में रख माता का छत्र, चांदी का मुकुट बरामद किया है। इसके अलावा तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से 36 हजार रुपये मिले हैं। प्रदीप की गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मियों को दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है।
गौरतलब है कि बीते 11 अक्टूबर की रात प्रदीप उर्फ कालिया ने मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जब इसकी भनक चौक व्यापार मंडल को हुई तो व्यापारियों ने चोर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया था। वहीं चौक कोतवाली प्रभारी प्रशांत मिश्र ने बताया कि शटर बंद होने के बाद भी मंदिर के नीचे कुछ जगह खाली बची रहती है। वहीं, कई जगह खुली है। इस कारण मंदिर व्यवस्थापक और व्यापारियों से मंदिर की सुरक्षा, दरवाजे और खिड़की ठीक कराने के लिए कहा गया है।
एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि शटर के पास करीब एक फीट की खाली जगह है। प्रदीप उस खाली जगह से किसी तरह मंदिर के अंदर दाखिल हो गया। इसके बाद वह मंदिर से चोरी कर वहां से फरार हो गया था। उन्होंने बताया कि चोरी करने के बाद सीतापुर भाग गया था। कुछ दिन रहने के बाद वह अपनी बहन के घर बाराबंकी में रहने के लिए चला गया था। शनिवार की सुबह वह पक्कापुल के पास पहुंचा।
जिसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र की मदद से उसकी गिरफ्तारी की। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रदीप की पहचान की गई थी। इसके बाद पीआरवी की दस टीमें बनाईं गई। फुटेज देखकर स्थानीय लोगों ने बताया कि यह चोर अक्सर मंदिर और खुनखुन जी रोड पर अक्सर घूमता रहता है।
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