मुरादाबाद : दो राज्यों की पुलिस में आरोप-प्रत्यारोप, केंद्र सरकार है चुप…जानें पूरा मामला
मुरादाबाद,अमृत विचार। खनन के खूनी खेल में एक-दूसरे पर हमलावर यूपी व उत्तराखंड पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। यूपी व उत्तराखंड पुलिस में रार के कारण हत्या व हत्या के प्रयास के गंभीर मुकदमे की विवेचना तक शुरू नहीं हो सकी। पीड़ितों को न्याय व दोषियों को सजा दिलाने के दोनों प्रदेश …
मुरादाबाद,अमृत विचार। खनन के खूनी खेल में एक-दूसरे पर हमलावर यूपी व उत्तराखंड पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। यूपी व उत्तराखंड पुलिस में रार के कारण हत्या व हत्या के प्रयास के गंभीर मुकदमे की विवेचना तक शुरू नहीं हो सकी। पीड़ितों को न्याय व दोषियों को सजा दिलाने के दोनों प्रदेश की पुलिस के बीच सामंजस्य व समन्वय की दरकार है। छह दिन बाद भी रार व रुख में बदलाव न होने के कारण उम्मीद की एक मात्र किरण केंद्र सरकार है। ऐसे हालात में भी केंद्र सरकार की चुप्पी दोनों ही प्रदेश के वाशिंदों को अखरने लगी है।
मुरादाबाद में खनन माफिया का प्रशासन से सीधा टकराव 13 सितंबर को हुआ। तब खनन माफिया ठाकुरद्वारा एसडीएम व खान निरीक्षक को बंधक बनाकर जबरन डंपर छुड़ा ले गए थे। प्रकरण प्रकाश में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संज्ञान व डीआइजी शलभ माथुर की सख्ती पर 19 नामजद समेत डेढ़ सौ आरोपियों के खिलाफ एसडीएम से दुर्व्यवहार व सरकारी कार्य में खलल डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ। 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। नौ आरोपियों की गिरफ्तारी पर 50-50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया।
डीआइजी के दबाव पर ठाकुरद्वारा थाना प्रभारी व एसओजी की टीम ने 50,000 रुपये के इनामी व फरार खनन माफिया जफर को गिरफ्तार करने की योजना बनाई। 12 अक्टूबर की शाम मुरादाबाद पुलिस जफर का पीछा करते उत्तराखंड के भरतपुर गांव पहुंच गई। आधी अधूरी तैयारी के साथ मुरादाबाद पुलिस खनन माफिया का पीछा करते जसपुर के जेष्ठ उप ब्लाक प्रमुख गुरताज भुल्लर के घर पहुंच गई। वहां पुलिस को तीखे प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। जफर की गिरफ्तारी की कोशिश में खनन माफिया से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इस दरम्यान यूपी के तीन पुलिसकर्मियों के पैर में गोली लगी। जबकि गुरताज भुल्लर की पत्नी गुरप्रीत कौर की जान चली गई। मुठभेड़ में एक महिला की मौत व तीन पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर उनके असलहे लूटने व गोली मारने की घटना में दो मुकदमे दर्ज हुए। गुरताज भुल्लर की तहरीर पर उत्तराखंड की उधमसिंह नगर पुलिस ने मुरादाबाद के 10-12 पुलिसकर्मियों को हत्या का अभियुक्त बनाया।
सोमवार को कलमबंद बयान दर्ज करने के बाद कोर्ट ने जफर को जेल भेज दिया। पुलिस अब खनन माफिया में शामिल रतूपुरा गांव के रहने वाले दिलशाद की पुलिस तलाश कर रही है। एसएसपी हेमंत कुटियाल ने कहा कि हत्या के प्रयास के मुकदमे की विवेचना शुरू कर दी गई है। घायल सिपाहियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। आरोपियों से पूछताछ से पहले उत्तराखंड में हालात सामान्य होने का इंतजार पुलिस करेगी। वहीं जेष्ठ उप ब्लाक प्रमुख के घर लगे डीवीआर की भी पुलिस तलाश कर रही है।
कोर्ट में जफर का कलमबंद बयान
खनन माफिया जफर का कलमबंद बयान सोमवार को कोर्ट में दर्ज हो गया। सूत्रों की मानें तो जफर ने जज के सामने वारदात के समय भुल्लर के घर खुद की मौजूदगी स्वीकार की है। जफर ने कुछ ऐसी भी जानकारी कोर्ट को मुहैया कराई है, जिसके आम होने के बाद उत्तराखंड पुलिस का सिरदर्द बढ़ना तय है। एडीजे तृतीय की कोर्ट ने जफर का कलमबंद बयान दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया।
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