एकजुट हो दुनिया
भारत दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को झेल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आतंकवाद, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी को वैश्विक खतरा बताते हुए कहा कि आतंकवाद के खतरे से दुनिया का कोई भी देश सुरक्षित नहीं है। लिहाजा इसका पूरी तरह खात्मा करने के लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत है। इंटरपोल …
भारत दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को झेल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आतंकवाद, भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी को वैश्विक खतरा बताते हुए कहा कि आतंकवाद के खतरे से दुनिया का कोई भी देश सुरक्षित नहीं है। लिहाजा इसका पूरी तरह खात्मा करने के लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत है। इंटरपोल की महासभा में उन्होंने कहा कि वास्तव में इन चुनौतियों से निपटने के लिए विश्व के एकजुट होने का समय आ गया है। भारत में इंटरपोल महासभा की बैठक 25 वर्ष के बाद हो रही है। पिछली बार भारत में यह महासभा 1997 में हुई थी। महासभा में 195 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
ये भी पढ़ें- बढ़ेगी महंगाई
आतंकवाद के मसले पर एक बार फिर से पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब हुआ है। इंटरपोल महासभा में भाग ले रहे पाकिस्तान के एफआईए महानिदेशक मोहसिन बट से जब यह पूछा गया कि क्या वे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और हाफिज सईद को भारत को सौंप देंगे। उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। जहां एक ओर ‘आतंकवाद का केन्द्र’ पाकिस्तान आतंकी संगठनों को पालता-पोषता है, वहीं भारत में अशांति पैदा करने और कश्मीर को हड़पने के लिए उनके जरिए छद्मयुद्ध लड़ रहा है।
मंगलवार को ही जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में तड़के आतंकवादियों द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। इस मामले में प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक स्थानीय ‘हाइब्रिड’ आंतकवादी को गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि प्रमुख इस्लामी आतंकी संस्थाएं जैसे लश्कर-ए-तैयबा, लश्कर-ए-ओमर, जैश-ए-मोहम्मद, हरकतुल मुजाहिद्दीन, सिपाह-ए-सहाबा, हिज़्बुल मुजाहिदीन आदि पाकिस्तान में रहकर अपनी आतंकी गतिविधियां चलाते हैं।
हालांकि भारत ने आतंकवाद और आतंकियों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है और इसके तहत लगातार आतंकियों और उनके संरक्षकों पर प्रहार किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अभी तक यूएपीए के तहत कुल 38 पाकिस्तानी आतंकियों को प्रतिबंधित किया है। मंत्रालय पाकिस्तानी आतंकियों का डेटाबेस तैयार कर रहा है, जो घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इन सभी आतंकियों पर एक डोजियर तैयार किया जा रहा है ताकि भारत इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र और संबंधित देशों के सामने उठा सके।
आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया के सामने लाने की भारतीय कोशिशें तेज हो गई हैं। फिर भी कोई भी देश अकेले आतंकवाद को नहीं हरा सकता है, चाहे वह देश जितना भी शक्तिशाली या समृद्ध हो। ऐसे में सामूहिक हित के लिए आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए एकजुट होकर वास्तविक एवं प्रभावी सहयोग बेहद जरूरी है।
ये भी पढ़ें- फर्टिलाइजर योजना
