श्रीराम कथा : योग्यता के चुनाव में आरक्षण से समाज विकृत होता है

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अमृत विचार, हरदोई। सनातन सद्ग्रन्थों की सीख यही है कि योग्य उत्तराधिकारी का चयन करने के क्रम में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। अगर योग्य व्यक्ति का चुनाव नहीं किया गया तो परिणाम खराब होना तय होता है। मानस मर्मज्ञ और श्रीराम कथा गायन के लिए विश्व प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमभूषण महाराज ने …

अमृत विचार, हरदोई। सनातन सद्ग्रन्थों की सीख यही है कि योग्य उत्तराधिकारी का चयन करने के क्रम में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। अगर योग्य व्यक्ति का चुनाव नहीं किया गया तो परिणाम खराब होना तय होता है।

मानस मर्मज्ञ और श्रीराम कथा गायन के लिए विश्व प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमभूषण महाराज ने कैम्ब्रिज स्कूल के प्रांगण में आयोजित श्रीराम कथा के पाँचवे दिन उक्त सिद्धांत बताते हुए कहा कि योग्यतम व्यक्ति की जगह किसी भी प्रकार के आरक्षण से चयनित व्यक्ति पद की आवश्यकता के अनुरूप व्यवहार करने में हर तरह से विफल होता है।  कहा कि अपने उत्तराधिकारी का चयन करने के लिए सनातन परम्परा में तीन प्रकार की विधि है, राज परम्परा, गुरू परम्परा और पितृ परम्परा।

राज्यमंत्री रजनी तिवारी के पावन संकल्प से आयोजित कथा में पूज्य महराज जी ने भगवान राम की वनलीला प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का वनवास नहीं हुआ। भगवान ने स्वयं धरती से अशुभ शक्तियों को मिटाने के लिए वन यात्रा लीला की रचना की। देवताओं को प्रेरित करके इसकी रचना बनायी।

ऋषि-मुनि के राजनीति में आने के बारे में पूज्य महाराज जी ने कहा कि संत , ऋषि-मुनि को राजनीति में नहीं आना चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री योगी तो राजसत्ता परम्परा के ही योगी हैं। योगी अर्थात वो जो भगवान से जुड़ा हुआ है। महाराज ने कहा कि रामजी को विष्णु जी का अवतार कहने की गलती न करें। भगवान राम और कृष्ण ब्रह्म के अवतार हैं। भगवान और देवता में भेद समझने का प्रयास करें।

कथावाचक ने कहा कि अगर आप अपने घर पर पँचदेव की पूजन की परम्परा का पालन नहीं करते हैं तो फिर अपने बच्चों के संस्कार में विकार की चिंता क्यों करते हो? कथा के क्रम में दर्जनों भजनों के गायन ने श्रोताओं को झूमने के लिए बाध्य कर दिया। हजारों भक्तों की उपस्थिति के बीच पाँचवे दिन के कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्रीगण अध्यक्ष विधानसभा सतीश महाना, मंत्री सुरेश खन्ना ,. राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु, राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम , राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल, राज्यमंत्री सुरेश राही, राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना] आदि तिवारी] आदित् तिवारी] अरुणेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।

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