लखनऊ: क्वीनमैरी अस्पताल में महिलाओं का इलाज कर रहे पुरुष डॉक्टर, विरोध करने पर होती है अभद्रता

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लखनऊ, अमृत विचार। महिलाओं की निजता का ख्याल रखते हुए सरकार द्वारा महिलाओं के लिए महिला अस्पताल बनवाए, जहां वह सहजता से अपनी जांचें करवा सकें और उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। महिला अस्पताल में ही जब महिलाओं की निजता का हनन किया जा तो वह कहां जाएं। ताजा मामला …

लखनऊ, अमृत विचार। महिलाओं की निजता का ख्याल रखते हुए सरकार द्वारा महिलाओं के लिए महिला अस्पताल बनवाए, जहां वह सहजता से अपनी जांचें करवा सकें और उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। महिला अस्पताल में ही जब महिलाओं की निजता का हनन किया जा तो वह कहां जाएं। ताजा मामला किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्विद्यालय (केजीएमयू) की महिला विंग क्वीनमैरी महिला अस्पताल का है जहां महिलाओं की जांच पिछले एक माह से पुरुष डॉक्टर कर रहे हैं।

अल्ट्रासाउंड या एनस्थिसिया तक तो ठीक था लेकिन निजी अंगों की जांच जैसे ट्रांस वजाइनल स्कैन भी पुरुष डॉक्टरों से करवाया जा रहा है, जिसे लेकर महिला असहज महसूस कर रही हैं। मंगलवार को जब एक महिला अपने गर्भवती होने की जांच कराने अस्पताल पहुंची तो पुरुष डॉक्टर से जांच कराने पर विरोध जताया।

जिसपर वहां मौजूद नर्स व डॉक्टरों ने महिला को जमकर खरी-खोटी सुनाई उनका कहना था कि पुरुष डॉक्टर द्वारा इस तरह की जांच करना आम बात है। यदि उन्हें कोई दिक्कत है तो जाकर कहीं और जांच करवा लें। यहां पर इसी तरह से जांच होगी, महिला का आरोप है कि महिला डॉक्टरों ने उनसे अभद्रता की साथ ही यह भी कहा कि इतना ही निजता का ख्याल है तो निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराओ सरकारी अस्पताल में क्यों आती हो। अस्पताल में महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था और कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है।

क्या है ट्रैक यूरीनरी स्कैन जांच
स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ. मोना असनानी ने बताया कि यह जांच योनि के जरिये अल्ट्रासाउंड स्कैन यानि ट्रांसवजाइनल स्कैन (टीवीएस) योनि के अंदर संकरा सा प्रोब या ट्रांस्ड्यूसर डालकर किया जाता है। प्रोब से निकलने वाली ध्वनि तरंगे शिशु को छूकर वापिस आती हैं और प्रोब इन्हें फिर से ग्रहण कर लेता है, ताकि कम्प्यूटर स्क्रीन पर आपके शिशु की बड़ी तस्वीर को दिखा सके। उन्होंने बताया कि यह जांच अल्ट्रासाउंड करने वाले पुरुष डॉक्टर भी कर सकते हैं यदि महिला की सहमति हो तो एक महिला नर्स की उपस्थिति में यह जांच की जा सकती है। उन्होंने बताया कि वैसे किसी भी महिला अस्पताल में पुरुष डॉक्टर यह जांच करते हैं य नहीं इस बारे में कुछ नहीं कह सकती ।

बोले जिम्मेदार
अस्पताल के अंदर कोई पुरुष डॉक्टर नहीं है रेडियोलॉजी विभाग में हो सकते हैं वह मेरे अंडर में नहीें आता है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका प्रो. एसपी जायसवार

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