कानपुर में स्मृति ईरानी बोली- अमृत कलश बनें, चाहें विष ही क्यों न पीना पड़े

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कानपुर, अमृत विचार। धनतेरस के दिन धनवंतरि जी अमृत का कलश लेकर आईं थीं। आप भी जनता के अमृत कलश बनें। फिर इसके लिए चाहें विषपान ही क्यों न करना पड़े। धनतेरस के मौके पर आपको जनता के लिए चुना गया है। कर्तव्य, सेवा और ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हुए नव नियुक्त अधिकारियों को यह …

कानपुर, अमृत विचार। धनतेरस के दिन धनवंतरि जी अमृत का कलश लेकर आईं थीं। आप भी जनता के अमृत कलश बनें। फिर इसके लिए चाहें विषपान ही क्यों न करना पड़े। धनतेरस के मौके पर आपको जनता के लिए चुना गया है। कर्तव्य, सेवा और ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हुए नव नियुक्त अधिकारियों को यह बड़ी नसीहत महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए यह तीन नियम अपना लें, कर्तव्य पालन से कभी नहीं डिगेंगे।

केंद्रीय मंत्री स्मृति शनिवार को कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (CSA Kanpur) के ऑडिटोरियल हॉल में आयोजित हुए रोजगार मेले में संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने युवाओं को उत्साहित करते हुए कहा कि हर कोई जब नौकरी पाता है तो उसे कॉल लेटर जरूर आता है। लेकिन कॉल लेटर प्राप्त करने का वह पल उसके लिए धरोहर के रूप में नहीं रह पाता है। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को धनतेरस के तोहफे के रूप में नौकरी प्राप्त करने के लिए यह अवसर भी दिया है।

नव नियुक्त युवाओं के पास 25 साल हैं अपनी सेवा भाव को प्रकट करने के लिए। उन्होंने कहा कि युवा पूर्ण निष्ठा और कर्तव्य के साथ अपने कार्य और जिम्मेदारियों का निर्वाहन करें। जनता के सामने सेवा भाव के साथ प्रस्तुत हों। एक दिन में 75 हजार युवाओं को नौकरी दी जा रही है। किसी को श्रम, रेल में जनता सेवा तो किसी को आईटीबीपी, बीएसएफ में राष्ट्र सेवा का मौका मिल रहा है। जनता के समक्ष जब भी आप कोई व्यववहार करते हैं तो उस वक्त अपने परिवार को जरूर उस स्थान पर रखकर देखें। हम ऐसा कर यह समझ पाएंगे कि क्या यह व्यवहार हमारा सही है। इतना कर लेंगे तो सेवा के इस उद्देश्य को पा सकेंगे।

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