बरेली: इस बार दिल खोलकर मनेगी दिवाली, 120 करोड़ के पटाखों में लगेगी आग
बरेली, अमृत विचार। इस दिवाली को हर कोई दिल खोलकर मना रहा है। आतिशबाजी में पानी की तरह रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सौ फुटा रोड और मिनी बाईपास स्थित थोक दुकानों पर तीन दिन से पटाखा खरीदने वालों की भीड़ उमड़ रही है। रविवार को जीआईसी, सुभाषनगर के रेलवे मैदान, हार्टमन मेला ग्राउंड, एमबी …
बरेली, अमृत विचार। इस दिवाली को हर कोई दिल खोलकर मना रहा है। आतिशबाजी में पानी की तरह रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सौ फुटा रोड और मिनी बाईपास स्थित थोक दुकानों पर तीन दिन से पटाखा खरीदने वालों की भीड़ उमड़ रही है। रविवार को जीआईसी, सुभाषनगर के रेलवे मैदान, हार्टमन मेला ग्राउंड, एमबी इंटर कॉलेज ग्राउंड समेत अन्य पटाखा बाजारों में सुबह से शाम तक भीड़ रही। कई पटाखा कारोबारियों से कारोबार को लेकर बात हुई। हर कोई यही कहते दिखा कि कोरोना के बाद से बाजार की चाल बढ़ी है। इस दिवाली करीब 120 करोड़ के पटाखा कारोबार का अनुमान लगाया गया है।
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अभी तक सुभाषनगर के रेलवे ग्राउंड में पटाखा बाजार लगाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी थी, लेकिन हर बार की तरह प्रशासन ने धनतेरस पर अनुमति जारी कर दी। यहां 34 दुकानों को अनुमति दी गई है। इस बार शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 400 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें सजी हुई हैं। इनके लाइसेंस तीन दिन के लिए दिए जाते हैं। शहरी क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट, एसीएम प्रथम और द्वितीय की रिपोर्ट के आधार पर अनुमति दी जाती है, वहीं तहसील क्षेत्रों में एसडीएम स्तर से पटाखा दुकान लगाने को अनुमति दी गई है।
सदर तहसील क्षेत्र में 40 से अधिक दुकानों की अनुमति दी गई। इस बार सांसद धर्मेंद्र कश्यप के गांव कांधरपुर में भी पटाखा बाजार लगाया गया है। यहां भी 15 से अधिक दुकानें सजाई गईं। यहां के लोगों के शहर आने की जरूरत नहीं पड़ी। कांधरपुर में रौनक तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्र होने के बावजूद रविवार को यहां के बाजार को देखकर ऐसा नहीं लगा कि यह गांव है। बड़ी-बड़ी दुकानें सजी थीं।
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