मुरादाबाद: स्वास्थ्य पैरामीटर पर पिछड़ा मुरादाबाद, संभल से भी नीचे है प्रदेश में रैंक
विनोद श्रीवास्तव/मुरादाबाद, अमृत विचार। नीति आयोग के पैरामीटर पर मुरादाबाद जिला स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति में संभल से भी पिछड़ गया है। रैंकिंग की सूची में संभल को 10वां और जिले को 18वीं रैंक मिली है। यह आंकड़े मंडल मुख्यालय के जिले के चिकित्साधिकारियों की लचर कार्यशैली की पोल खोलने के लिए काफी हैं। शीर्ष …
विनोद श्रीवास्तव/मुरादाबाद, अमृत विचार। नीति आयोग के पैरामीटर पर मुरादाबाद जिला स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति में संभल से भी पिछड़ गया है। रैंकिंग की सूची में संभल को 10वां और जिले को 18वीं रैंक मिली है। यह आंकड़े मंडल मुख्यालय के जिले के चिकित्साधिकारियों की लचर कार्यशैली की पोल खोलने के लिए काफी हैं। शीर्ष दस में संभल को स्थान मिलने से मंडल की लाज बची है।
नीति आयोग की ओर से अभिलाषी जिलों में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति का आंकलन कराकर उसकी उपलब्धि के आधार पर रैंक जारी की जाती है। हाल में जारी रैंक में मुरादाबाद जिला एक बार फिर प्रदेश और मंडल में अहम स्थान पाने में नाकाम रहा। गनीमत यह रही कि मंडल का संभल जिला प्रदेश की टाॅप टेन रैकिंग में 10वें स्थान पर आया, जिससे कुछ लाज बची। लेकिन चिंताजनक यह है कि मंडल मुख्यालय का जिला दूसरों से पीछे होकर प्रदेश की सूची में 18वीं रैंक पर है। जबकि इससे छोटा जिला संभल बेहतर रैंक पाने में सफल है।
नीति आयोग की रैंक सूची में अंबेडकरनगर 8वें, हापुड़ 9वें और संभल 10वें स्थान पर है। जबकि मंडल मुख्यालय के जिले को 18वीं रैंक मिली है। स्वास्थ्य योजनाओं की लचर शैली पर फटकार सुनने के बाद भी मुख्य चिकित्साधिकारी व अन्य जिम्मेदार गंभीर नहीं हो रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक रघुवीर सिंह का कहना है कि नीति आयोग के द्वारा अभिलाषी जिलों की रैंक में मुरादाबाद 18वें स्थान पर है। इसका आंकलन नये क्षय रोगियों की स्क्रीनिंग, नवजातों को स्तनपान, रक्ताल्पता, मातृ मृत्यु दर आदि मानकों के आधार पर होता है। जिले में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति 81और संभल की 84. 54 फीसदी उपलब्धि है।
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