शाहजहांपुर: कोविड-19 की कम सैंपलिंग बजा रही खतरे की घंटी
शाहजहांपुर, अमृत विचार। शहीदों की नगरी में कोरोना की कम सैंपलिंग खतरे की घंटी बजा रही है। कोरोना के लक्षण और सांस के मरीजों की अनदेखी की जा रही है। कंटेनमेंट जोन के अलावा अन्य क्षेत्रों पर भी कम ध्यान दिया जा रहा है। अभी पूल और रैंडमी सैंपल पर पूरा फोकस है। शासन के …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। शहीदों की नगरी में कोरोना की कम सैंपलिंग खतरे की घंटी बजा रही है। कोरोना के लक्षण और सांस के मरीजों की अनदेखी की जा रही है। कंटेनमेंट जोन के अलावा अन्य क्षेत्रों पर भी कम ध्यान दिया जा रहा है। अभी पूल और रैंडमी सैंपल पर पूरा फोकस है। शासन के निर्देश हैं कि सांस की बीमारी और लक्षण वाले लोगों की सैंपलिंग ज्याद की जाए। खासतौर से कंटेनमेंट जोन में इसका ज्यादा ध्यान रखा जाना बहुत जरूरी है। बावजूद इसके जिले में कम सैंपलिंग की जा रही है।
बुजुर्गों के संक्रामित होने की संभावना अधिक
बदलते मौसम में बुजुर्गों के संक्रमित होने की संभावना ज्यादा है। बुधवार को 510, गरुवार को 310, शुक्रवार को 253 लोगों की सैंपलिंग कराई गई। अभी तक जिले में 14435 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 278 कोरोना संक्रमित मिले हैं। जिसमें से 150 लोग ठीक हो चुके हैं। 127 मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं जबकि एक मरीज की मौत हो चुकी है।
गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे की गति धीमी
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयारी का दावा कर रहा है। शहरी क्षेत्र से लेकर गांवों तक सर्वे का काम शुरू किया है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर में तो घर-घर पहंच रही हैं। गांवों में अभी तक सर्वे गति नहीं पकड़ पाया है।
सैंपलिंग कराने से डर रहे लोग
कोरोना महामारी के बचाव के लिए जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरुक कर रहा है। उसके बाद भी लोगों में कोरोना को लेकर डर है। जिले में अभी भी लोग कोरोना की जांच कराने से बच रहे हैं। खुटार के ब्लाक प्रोग्राम मैनेजर अशोक दीक्षित ने बताया कि कोरोना के डोर-टू-डोर कराए जा रहे हैं। उन्होंने बतायाा कि 53 लोग अभी तक सैंपल देने नहीं आए हैं। डाॅक्टर संजीव ने इसकी सूचना खुटार थाने में भी दे दी है।
“धीमी गति से नहीं, प्रोसेस के हिसाब से कोरोना जांच हो रही है। मंडल में दूसरे नंबर पर हमारी टीम है।” -डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ
