दुबे की मुठभेड़ फर्जी नहीं, पुलिस की कार्रवाई आत्मरक्षार्थ: उप्र पुलिस
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानपुर के बिकरू गांव के दुर्दांत अपराधी विकास दुबे एवं उसके गुर्गों के साथ मुठभेड़ का उच्चतम न्यायालय में बचाव करते हुए शुक्रवार को कहा कि इन मुठभेड़ों को किसी भी प्रकार से फर्जी मुठभेड़ नहीं कहा जा सकता। पुलिस की ओर से हलफनामा दायर करके शीर्ष अदालत को …
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानपुर के बिकरू गांव के दुर्दांत अपराधी विकास दुबे एवं उसके गुर्गों के साथ मुठभेड़ का उच्चतम न्यायालय में बचाव करते हुए शुक्रवार को कहा कि इन मुठभेड़ों को किसी भी प्रकार से फर्जी मुठभेड़ नहीं कहा जा सकता।
पुलिस की ओर से हलफनामा दायर करके शीर्ष अदालत को बताया गया है कि मुठभेड़ को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के सभी दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया है। पुलिस ने विकास दुबे के मामले में दावा किया है कि हिरासत में होते हुए भी पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहे और पुलिसकर्मियों को निशाना बना रहे अपराधी पर आत्मरक्षार्थ गोली चलायी गयी थी, जिसमें दुबे मारा गया था।
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के बाद शीर्ष अदालत के दिशानिर्देश के अनुसार, राज्य सरकार ने न्यायिक आयोग का गठन कर दिया है, जो मुठभेड़ की जांच कर रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे के ख़िलाफ़ दर्ज सभी आपराधिक मामलों की सूची अपने हलफनामे के साथ न्यायालय को सौंपी है।
इसके अलावा घटनास्थल पर पलटी पुलिस की गाड़ी की फ़ोटो, विकास दुबे के शव की फ़ोटो, बिकरू गांव में दुबे के हाथों मारे जाने वाले पुलिसकर्मियों की तस्वीरें भी न्यायालय को साझा की गयी है।
