अयोध्या: एक से होनी है धान खरीद, अभी नहीं आया लक्ष्य
अयोध्या, अमृत विचार। जनपद में आगामी 1 नवंबर से धान खरीद शुरू होनी है, लेकिन अभी तक जिले को खरीद का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। इसके चलते केंद्रों पर किसानों से खरीद समय से होना मुश्किल है। जिले में 48 केन्द्रों पर धान खरीद के लिए 5 प्रमुख एजेंसियों को नामित किया गया है। …
अयोध्या, अमृत विचार। जनपद में आगामी 1 नवंबर से धान खरीद शुरू होनी है, लेकिन अभी तक जिले को खरीद का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। इसके चलते केंद्रों पर किसानों से खरीद समय से होना मुश्किल है। जिले में 48 केन्द्रों पर धान खरीद के लिए 5 प्रमुख एजेंसियों को नामित किया गया है। केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। अभी तक करीब 3000 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह का कहना है कि धान खरीद की तैयारियां पूरी हैं। 48 केन्द्रों पर धान खरीद की जाएगी। अभी धान खरीद का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जिले में 3000 गांठों की व्यवस्था रहेगी। अब तक 1600 गांठें आ चुकी हैं। एक गांठ में 500 बोरी होती है और एक बोरी में 40 किलो धान भरा जाता है। धान केवल नये बोरे में भरा जायेगा। नये बोरों की कोई कमी नहीं है। खाद्य विपणन शाखा, भारतीय खाद्य निगम, पीसीएफ, पीसीयू और यूपीएसएस को धान खरीद करनी है। क्रय एजेंसी को ही बोरों की व्यवस्था करनी होगी। जिले में धान खरीद कोे लेकर 29 अक्टूबर को डीएम की अध्यक्षता में एक कार्यशाला होगी। इसमें खरीद का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
किसानों को बैंक खाते से मोबाइल नम्बर लिंक कराना अनिवार्य
धान बेचने वाले किसानों को सरकारी क्रय केन्द्रों पर अपना धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। धान का भुगतान पीएमएस से होना है। ऐसे में किसानों को यह भी कहा गया है कि वे अपने बैंक एकाउंट से अपना मोबाइल नम्बर जो आधार से भी लिंक हो, वह खाते लिंग करवा लें। खाते में ही भुगतान सीधे जाना है।
नामित राइस मिलर्स को देना होगा हैसियत प्रमाणपत्र
राइस मिलर्स को अपना हैसियत प्रमाणपत्र भी देना अनिवार्य होगा। लेकिन अभी तक बहुत से राइस मिलर्स के पास हैसियत प्रमाण पत्र नहीं है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी के अनुसार जो राइस मिल मालिक है उसी के नाम से ही हैसियत प्रमाणपत्र होना चाहिये, यह अनिवार्य कर दिया गया है। जिन धान केन्द्रों पर धान की खरीद 1 नवम्बर से शुरू होनी है, वहां क्रय एजेंसियों के पास साल्टेक्स मशीने नहीं है। यह साल्टेक्स मशीन धान को अलग करती हैं। वर्तमान में केवल 14 साल्टेक्स मशीन ही उपलब्ध हैं।
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