लखनऊ: बलरामपुर अस्पताल ने गरीब कैंसर मरीजों के इलाज का रास्ता किया आसान, चार माह में इतने मरीजों को मिला इलाज
रविशंकर गुप्ता अमृत विचार। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थापित बलरामपुर जिला अस्पताल (Balrampur District Hospital) वैसे तो गरीबों को एम्स कहा जाता है। हर दिन हजारों मरीजों का इलाज यहां से होता है। बड़ी बात ये है कि ये पहला सरकारी अस्पताल बन गया जहां कैंसर मरीजों का इलाज शुरू हुआ है। जुलाई माह …
रविशंकर गुप्ता अमृत विचार। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थापित बलरामपुर जिला अस्पताल (Balrampur District Hospital) वैसे तो गरीबों को एम्स कहा जाता है। हर दिन हजारों मरीजों का इलाज यहां से होता है। बड़ी बात ये है कि ये पहला सरकारी अस्पताल बन गया जहां कैंसर मरीजों का इलाज शुरू हुआ है। जुलाई माह से शुरू हुई इस सुविधा के बाद से यहां अब तक 500 कैंसर मरीज दिखाने के लिए आ चुके हैं। करीब चार माह बाद अमृत विचार विचार ने वहां की जमीनी पड़ताल की वहां के मरीजों से बातचीत के साथ-साथ सीएमएस डॉ जीपी गुप्ता (CMS Dr. GP Gupta) से बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने बताया कि यहां हर संभव मरीजों की मदद का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कई बार कैंसर से जुड़ी दवाओं के प्रबंधन में दिक्कत आती है लेकिन फिर भी दवा सप्लाई करने वाली कंपनियों से समन्वय बनाकर काम किया जाता है, बजट आने पर समय से भुगतान भी किया जाता है। उन्होने बताया कि मरीजों को राहत मिल रही है लेकिन हमारे सामने अभी चुनौती है जिससे निपटते हुए हम कैंसर मरीजों का इलाज कर पा रहे हैं।
प्राइवेट व्यवस्था से हारे मरीज भी आ रहे इलाज कराने
डा. जीपी गुप्ता ने अमृत विचार को बताया कि मौजूदा समय में कैंसर मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अहम कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा यहां वह भी मरीज आ रहे हैं किसी प्राइवेट संस्थान में इलाज करवाने जाते हैं और इलाज नहीं मिल पाता है तो हम उनका यहां इलाज करते हैं। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए अस्पताल में एमडी रेडियोथेरेपिस्ट डा. अभय सिंह द्वारा कैंसर मरीजों की पहचान और उन्हें इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
इस प्रकार के कैंसर मरीजों को मिल रहा इलाज
डॉ जीपी गुप्ता के अनुसार मौजूदा समय में मुंह, गला, स्तन, गर्भाश्य, पित्त की थैली, पैंक्रियाज, प्रोस्टेट समेत दूसरे अंगों के कैंसर से पीड़ितों को यहां पर इलाज मिल रहा है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में सोमवार, मंगलवार और बुधवार को कैंसर रोग विभाग में संचालित की जा रही है। डॉ गुप्ता के मुताबिक कैंसर की पहचान के बाद मरीजों को कीमोथेरेपी समेत दूसरा इलाज मुहैया कराया जाएगा। रेडियोथेरेपी की जरूरत पर ही मरीजों को एसपीजीआई, डा. राम मनोहर लोहिया और किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर किया जाता है।
