ईआरपी को जल्दी में लागू कर बड़े घोटाले की तैयारी में यूपीपीसीएल प्रबंधन: अभियंता संघ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन से अभियंता संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। रविवार को मासिक बैठक में अभियंताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही प्रबंधन से ईआरपी सिस्टम से वेतन भुगतान पर आपत्ति जताई। वहीं इस माध्यम से वेतन भुगतान पर कार्पोरेशन में एक बार फिर से बड़े घोटाले …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन से अभियंता संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। रविवार को मासिक बैठक में अभियंताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही प्रबंधन से ईआरपी सिस्टम से वेतन भुगतान पर आपत्ति जताई। वहीं इस माध्यम से वेतन भुगतान पर कार्पोरेशन में एक बार फिर से बड़े घोटाले का अंदेशा जताया।
वरिष्ठ और मुख्य अभियंता सीस गोमती मधुकर वर्मा की अगुवाई में बैठक की गई। बैठक में अभियंताओं ने कहा कि यूपीपीसीएल प्रबंधन ईआरपी को जल्दबाजी में लागू करना चाह रही है। यह ठीक नहीं है। इस दौरान इ. बीके चौधरी ने बढ़ते कोरोना संक्रमण से अभियंताओं के संक्रमित होने का अंदेशा जताया।
उन्हाेंने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए अभियंताओं को कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभियंताओं व कर्मचारियों के कॉरोना पॉजिटिव होने पर जांच व इलाज की सुविधा आसानी से नहीं मिल रही है। जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा अधिक है।
वहीं इ. अजय मिश्रा ने भी यूपीपीसीएल प्रबंधन द्वारा इआरपी सिस्टम लागू करने पर जल्दबाजी कहा। उन्होंने कहा कि बिना ट्रेनिंग व कार्यालयों में आवश्यक विंडोज-10 युक्त कंप्यूटर उपकेन्द्र स्तर तक उपलब्ध कराए बिना लागू करना ठीक नहीं है। जुलाई माह की सैलरी ईआरपी द्वारा ही निर्गत करने के आदेश पारित किए गए हैं व खंड, सर्किल वार एसेंचर मैनपॉवर द्वारा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए ऑफलाइन ट्रेनिंग उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
वरिष्ठ अभियंता डीके त्रिपाठी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी अभियंताओं के विरूद्ध 10 साल से लंबित मामलों में गड़े मुर्दे उखाड़कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। जो कि गलत है। इस पर रोक लगनी चाहिए। अभियंताओं द्वारा चेकिंग अभियान के दौरान वर्षों पुराने प्रकरणों में वीडियो रिकॉर्डिंग न होने पर दण्डित किया जा रहा है। इस पर भी रोक लगानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल शर्मा द्वारा पूर्व में थानों द्वारा तहरीर देने पर भी रिसीविंग व एफआईआर कॉपी पत्राचार के बाद भी उपलब्ध ना कराए जाने पर अभियंताओं को दोषी ठहराया जा रहा है। दिनेश प्रजापति ने मैटेरियल मैनेजमेंट मध्यांचल पर आरोप लगाया कि समय से लेसा स्टोर में सामानों की उपलब्धता नहीं कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि लेसा स्टोर में जैसे सिंगल कोर 630,400 एमएम लीड,बुशिंग,लग, ट्रांसफार्मर ऑयल,11 केवी आरएमयू,केबल ज्वाइंटिंग किट, एसबीसी केबल, स्मार्ट मीटर,रिले,कंट्रोल केबल सहित कई अन्य और सामानें नहीं हैं। जिससे आपूर्ति दुरुस्त करने में दिक्कत हो रही है। बैठक के दौरान ही क्षेत्रीय सचिव इ. आशीष कुमार ने जल्द में ज्वाइन किए छह नए सदस्यों को सदस्यता दिलाई।
