धोखाधड़ी : मंदबुद्धि महिला से सौ रुपये प्रति वर्ग फुट लिखवा ली करोड़ों की जमीन

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अमृत विचार,अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के साथ राम नगरी और आसपास के क्षेत्र में जमीन के नाम पर बड़े-बड़े खेल अंजाम दिए जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में आरोप है कि एक मंदबुद्धि अविवाहित महिला की करोड़ों रुपए की जमीन 100 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर पर रजिस्ट्री करा ली गई। महिला …

अमृत विचार,अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के साथ राम नगरी और आसपास के क्षेत्र में जमीन के नाम पर बड़े-बड़े खेल अंजाम दिए जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में आरोप है कि एक मंदबुद्धि अविवाहित महिला की करोड़ों रुपए की जमीन 100 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर पर रजिस्ट्री करा ली गई। महिला के नाम कोई बैंक खाता नहीं है लेकिन बैनामे की शर्त को पूरा करने के लिए 21 लाख रुपये का भुगतान चेक से दिखाया गया। लिखा पढ़ी के दौरान आधार कार्ड भी नहीं लिया गया।

मामले की जानकारी पर पीड़िता के जीजा ने एफआईआर दर्ज करने को शिकायत नगर कोतवाली पुलिस को दी लेकिन एक सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बावजूद अभी तक पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की है। गनीमत रही कि वाजदायरा दाखिल होने के बाद राजस्व विभाग से खतौनी में क्रेता का नाम दर्ज होने पर स्टे कर दिया है।

बताया गया कि अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के गांव तकपुरा में 40 वर्षीय बंदना पुत्री बैजनाथ के नाम गाटा संख्या 346, खाता संख्या 190, क्षेत्रफल 0.221 हेक्टेयर कृषि जमीन है। मंदबुद्धि व अविवाहित होने के चलते उसको यह जमीन उसके पिता ने भरण पोषण के लिए लिख दी थी। महिला अकेले ही रहती है।

महिला के जीजा राम बुझा वर्मा निवासी कनकपुर झंगरौली थाना तारुन का कहना है कि वंदना के गांव के ही अजीत कुमार वर्मा तथा परमानपुर गांव निवासी आशीष वर्मा ने धोखाधड़ी कर मंदबुद्धि साली से 22 अगस्त को लगभग 18 बिस्वा जमीन का बैनामा महज 23 लाख 21 हजार में करा लिया। बैनामे में 21 लाख का भुगतान चेक और शेष 2 लाख 21 हजार का किश्तों में दिखाया है। जमीन हड़पने के लिए रजिस्ट्री के दौरान किसी दूसरी मिलती जुलती शक्ल वाली महिला को खड़ा कर दिया।

लिखा पढ़ी में कहीं आधार का जिक्र नहीं है। साली के नाम से न तो कोई बैंक खाता है और न ही पैनकार्ड बावजूद इसके एक छह और तीन पांच-पांच लाख के चेक से भुगतान दिखाया गया है। तहसील से 29 सितंबर को दाखिल खारिज का आदेश भी हो गया। 10 अक्टूबर को मामले की जानकारी हुई तो नायब तहसीलदार के यहां वाजदायरा दाखिल किया।

नायब तहसीलदार की अदालत में खतौनी में दाखिल खारिज के आधार पर क्रेता का नाम दर्ज होने पर रोक लगा दी। उनका कहना है कि विपक्षी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए 22 अक्टूबर को तहरीर नगर कोतवाली पुलिस को दी थी। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले पर मुख्य कर्ताधर्ता अजीत पहले भी धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में जेल जा चुका है।

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