शाहजहांपुर: कोरोना पर भारी आस्था, बिना मास्क दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु

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शाहजहापुर। पटना देवकली मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार सोमवती अमावस्या को भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु मंदिर के अंदर प्रवेश करने को आतुर दिख रहे थे। श्रद्धालुओं में कोरोना को लेकर खौफ नहीं दिखा। लोगों में जैसे डर खत्म हो गया और जन-जीवन सामान्य हो गया है। मंदिर में कोरोना …

शाहजहापुर। पटना देवकली मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार सोमवती अमावस्या को भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु मंदिर के अंदर प्रवेश करने को आतुर दिख रहे थे। श्रद्धालुओं में कोरोना को लेकर खौफ नहीं दिखा। लोगों में जैसे डर खत्म हो गया और जन-जीवन सामान्य हो गया है। मंदिर में कोरोना महामारी को लेकर कोई सावधानी नहीं बरती गई, न मास्क, न शारीरिक दूरी। झुंड में लोग मंदिर पहुंचे। मंदिर में पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही।

ऐतिहासिक है पटना देवकली मंदिर
कलान के पटना देवकली में प्राचीन मंदिर है। दैत्य गुरु शुक्राचार्य ने यहां तपस्या की थी और शिवलिंग स्थापित किए थे। महंत अखिलेश गिरि बताते हैं कि शुक्राचार्य ने यहा भगवान शिव की तपस्या की थी। जिससे प्रसन्न होकर उन्होंने दर्शन दिए थे। सात अन्य शिवलिंग शुक्राचार्य ने स्थापित किए थे। महंत बताते है कि मंदिर के पास में बड़ी झील थी जो अब सूख गई है। जिसे शुक्र झील कहा जाता था।

महंत ने बताया कि शुक्राचार्य की बेटी देवयानी के नाम पर इस क्षेत्र का नाम अपभ्रंश होकर देवकली हो गया। इसका जिक्र शिव पुराण में भी है। बारिश के समय अब भी कई बार पुरानी मूर्ति निकलती हैं। 80 के दशक में पुरातत्व विभाग की टीम ने सर्वे कर इस स्थान को पौराणिक माना था। महंत ने बतया कि साबन माह में यहां दूर-दूर से शिव भक्त जलाभिषेक करने के लिए आते है। सावन में मंदिर में कावंड़ चढ़ाने का यहां विशेष महात्व है। इस बार पहला मौका होगा जब सावन में यहां कावंड़ नहीं चढाई जा रही है। महंत ने बताया कि हमारे परिवार की 33वीं पीढ़ी मंदिर की सेवा कर रही है।

मन्दिर में जलाभिषेक को उमड़ी भीड़
सावन के तीसरे सोमवार को शिवभक्तों की मंदिरों में भीड़ उमड़ पड़ी। कुछ स्थानों पर लापरवाही इस दर्जे की रही, न तो सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया और न ही मुंह पर मास्क लगाया गया। बस भगवान शिव पर जलाभिषेक करते रहे। सबसे खास बात यह रही कि इन स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने वाली पुलिस भी नदारत थी।

यूं तो शहर में भी शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रहीं लेकिन कुछ स्थानों को छोड़कर लोगों ने सामाजिक दूरी का ख्याल करते हुए पूजा-अर्चना की लेकिन पुवायां रोड पर पैना हाइडिल के पास त्रिलोकीनाथ धाम पर श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगना शुरू हो गया, जो दोपहर बाद तक लगा रहा। सबसे अधिक भीड़ महिला श्रद्धालुओं की थी।

शिवलिंग पर बेलपत्र के साथ जलाभिषेक और प्रसाद चढ़ाने के लिए महिला श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी हुई थी। किसी के मुंह पर मास्क नजर नहीं आ रहा था। इन्हें देखकर नहीं लग रहा था कि यहां भी कोरोना वैश्विक महामारी का भी कोई असर है, जबकि जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

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