पीलीभीत: गुडवर्क की खातिर पुलिस ने ले ली कबाड़ी की जान, लखनऊ में मौत

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पीलीभीत, अमृत विचार। चोरी के मामले में पुलिस की ओर से किया गया गुडवर्क ही अब गले की फांस बन गया है। अमरिया पुलिस द्वारा चोरी का खुलासा कर जेल भेजे गए जहानाबाद के कबाड़ी की चंद घंटे में ही तबीयत बिगड़ी तो बरखेड़ा थाने में रखकर बेरहमी से पिटाई के आरोप लगाए गए। इसे …

पीलीभीत, अमृत विचार। चोरी के मामले में पुलिस की ओर से किया गया गुडवर्क ही अब गले की फांस बन गया है। अमरिया पुलिस द्वारा चोरी का खुलासा कर जेल भेजे गए जहानाबाद के कबाड़ी की चंद घंटे में ही तबीयत बिगड़ी तो बरखेड़ा थाने में रखकर बेरहमी से पिटाई के आरोप लगाए गए। इसे पुलिस अधिकारी नजर अंदाज कर मातहतों का बचाव करते रहे और इलाज के दौरान बंदी (कबाड़ी) की केजीएमयू लखनऊ में मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा रहा। अफसर मामले से बचाव करते नजर आए। वहीं, हर बार की तरह मातहतों पर आरोप लगने से हुई फजीहत पर जांच कराने की बात कहकर साख बचाई जाने लगी है।

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अमरिया पुलिस ने चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए रविवार को चार आरोपियों को जेल भेजा था। इसमें जहानाबाद थाना क्षेत्र के भगाडांडी गांव निवासी कय्यूम पुत्र महमूद शाह भी जेल भेजे गए थे। जेल पहुंचने के कुछ देर बाद ही रात में उसकी तबीयत बिगड़ी। इस पर जेल प्रशासन द्वारा उसे जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। वहां हालत गंभीर होने पर लखनऊ केजीएमयू रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान बुधवार को केजीएमयू में कय्यूम की मौत हो गई। बंदी की तबीयत बिगड़ने के बाद से ही परिवार वाले पुलिस पर बेरहमी से पिटाई करने के आरोप लगा रहे हैं।

पत्नी मेराज का कहना था कि उसके पति क्योलड़िया क्षेत्र में फेरी लगाकर कबाड़ का काम करते हैं। 19 अक्टूबर को कुछ लोग घर आए थे और खुद को सेकेट्री बताते हुए पति का आईडी प्रूफ ले गए। यह कहा था कि आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा। इसके बाद दूसरे दिन सिविल ड्रेस में पुलिस आई और 12 साल के बेटे को पकड़ लिया। बेटे ने पुलिस को पिता तक पहुंचाया। फिर पुलिस पति को बेवजह पकड़कर ले गई। बरखेड़ा थाने में कई दिन बंद रखकर पति की बेरहमी से पिटाई की गई।

यह भी आरोप लगाया कि पेट्रोल डाल-डालकर पति को पीटा जाता रहा। इसके बाद पति को पुलिस अमरिया ले आई और फिर चोरी के मामले में फंसाकर जेल भेज दिया गया था। पति के अचानक बीमार होने के पीछे पुलिस की पिटाई को ही वजह बताया। इसके बाद से पुलिस अधिकारी मामले को दबाते रहे। अब बंदी की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत का पता चलने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई।

अमरिया थाने से चोरी के एक मामले में बंदी 30 अक्टूबर को जेल आया था। उसकी तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। वहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। – संजय कुमार राय, जेल अधीक्षक।

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