लखनऊ: साइलेंट किलर के रूप में खतरनाक होता है तनाव
अमृत विचार लखनऊ। आजकल की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में आम जनमानस में कई तरह का मानसिक तनाव रहता है । किसी को उच्च शिक्षा का, किसी को नौकरी या व्यवसाय का, किसी को घर परिवार का तनाव रहता है। तनाव को साइलेंट किलर के रूप में भी परिभाषित किया जाता है क्योंकि यह आमतौर पर …
अमृत विचार लखनऊ। आजकल की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में आम जनमानस में कई तरह का मानसिक तनाव रहता है । किसी को उच्च शिक्षा का, किसी को नौकरी या व्यवसाय का, किसी को घर परिवार का तनाव रहता है। तनाव को साइलेंट किलर के रूप में भी परिभाषित किया जाता है क्योंकि यह आमतौर पर अधिकांश हृदय रोगों का मूल कारण होता है। लंबे समय तक लगातार तनाव रहने से जीवन के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
ये बात राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय तनाव जागरुकता दिवस के अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ विनय मिश्रा ने कही। वहीं मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के मनोचिकित्सक डा. अभय सिंह ने बताया कि उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी, जैसी समस्याएं हो सकती हैं । तनाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। जीवन में तनाव से बचने के लिए हमें कुछ समय निकालकर मनोरंजन करना, व्यायाम करना, योगा करना आदि कार्य करने चाहिए।
शिविर में 23 मरीजों को मिला इलाज
डॉ अभय सिंह ने बताया कि शिविर में 23 मनोरोगियों को उपचार प्रदान किया गया। वहीं मानसिक दिव्यांग प्रमाणपत्र हेतु 10 मानसिक मंदित रोगी आए थे, जिनका साइकिट्रिक असेसमेंट किया गया। जिनमें से 02 मानसिक मंदित रोगी का प्रमाणपत्र जारी किया गया। शिविर में 58 अन्य मरीजों को भी उपचार प्रदान किया गया। इस मौके पर मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता रवि द्विवेदी, निगरानी एवं मूल्यांकन अधिकारी श्रवण कुमार, साइकिट्रिक नर्स संतोष कुमार, वार्ड असिस्टेंट सैयद कल्बे राजा तथा सीएचसी के समस्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे ।
