बहराइच: अब जीडीएस नर्सिंग इंचार्ज ने गलत इलाज का आरोप लगा डीएम दिया पत्र

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बहराइच। कौशल विकास योजना की नर्सिंग इंचार्ज ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और स्टाफ नर्स पर इंजेक्शन नाक में डाल देने का आरोप लगाते हुए डीएम को पत्र लिखा है। नर्सिंग इंचार्ज का कहना हैं कि इंजेक्शन नाक में डालने की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई। वह बेहोश हो गई। शुक्रवार को उसने डीएम …

बहराइच। कौशल विकास योजना की नर्सिंग इंचार्ज ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और स्टाफ नर्स पर इंजेक्शन नाक में डाल देने का आरोप लगाते हुए डीएम को पत्र लिखा है। नर्सिंग इंचार्ज का कहना हैं कि इंजेक्शन नाक में डालने की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई। वह बेहोश हो गई। शुक्रवार को उसने डीएम को पत्र देकर कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर अभ्यर्थियों को जीडीएस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसकी इंचार्ज स्टॉफ नर्स प्रीती त्रिपाठी हैं। वह अस्थमा की बीमारी से पीड़ित हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉक्टर दिनेश चंद्र को ज्ञापन दिया। जिसमें इंचार्ज का का कहना है कि तीन नवंबर को उसकी तबियत खराब हुई। जिस पर उसने वार्ड नंबर चार में डॉक्टर एमएम खान को दिखाया। ओपीडी में डॉक्टर मनोज चौधरी की ड्यूटी थी।

जहां पर स्टाफ नर्स गीता भी ड्यूटी कर रही थी। इनको इलाज कराने की बात कही। वैसे स्टाफ नर्स गीता ने डॉक्टर मनोज से निके थामईड इंजेक्शन नाक में डालने की बात कही। डॉक्टर ने नाक में तीन एमपुल इंजेक्शन डाल दिया। जिससे उसकी हालत खराब हो गई। ऐसे में मामले की जांच कराकर स्टॉफ नर्स और डॉक्टर को बर्खास्त करने की मांग की है।

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