हमीरपुर: सामूहिक हत्याकांड में सजायाफ्ता पूर्व सांसद-विधायक को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
अमृत विचार, हमीरपुर। शहर में करीब 25 साल पहले पांच लोगों की हुई सामूहिक हत्या मामले में जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद, पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल समेत आधा दर्जन कैदियों को शुक्रवार के दिन सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका मिला है। सुप्रीम कोर्ट की ट्रिपल बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले …
अमृत विचार, हमीरपुर। शहर में करीब 25 साल पहले पांच लोगों की हुई सामूहिक हत्या मामले में जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद, पूर्व विधायक अशोक सिंह चंदेल समेत आधा दर्जन कैदियों को शुक्रवार के दिन सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका मिला है। सुप्रीम कोर्ट की ट्रिपल बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए सजा को बरकरार रखा है। देश की सबसे बड़ी कोर्ट का फैसला आते ही पूर्व सांसद के समर्थकों में मायूसी छा गई है।
बताते हैं कि सामूहिक हत्याकांड के मामले में फरार अशोक सिंह चंदेल को हमीरपुर में कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया था। बाद में ये यहां कोर्ट में सरेंडर हुए थे, लेकिन कोर्ट ने सेम डे बेल देकर उन्हें रिहा कर दिया था। इस मामले की जांच के बाद न्यायाधीश आरबी लाल बर्खास्त हुए थे। इसके बाद स्पेशल जज अश्वनी कुमार ने इस मुकदमे की सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इस मामले की शिकायत पर हाईकोर्ट ने जांच कराई थी जिस पर विशेष न्यायाधीश को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा जहां वर्ष 2019 में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने पूर्व सांसद समेत नौ दोषियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा होने के बाद भाजपा से सदर विधायक रहते अशोक सिंह चंदेल समेत अन्य दोषियों को जेल की सलाखों जाना पड़ा।
बाद में उन्हें भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया था। पीड़ित पक्ष के राजीव शुक्ला एडवोकेट ने बताया कि हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा के बाद सजायाफ्ता अशोक सिंह चंदेल की ओर से सुप्रीमकोर्ट में अपील की गई थी, जिस पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की ट्रिपल बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। बता दें कि कुछ माह पहले सजायाफ्ता शराब कारोबारी रघुवीर सिंह की मौत हो
चुकी है।
गणतंत्र दिवस की शाम सुभाष बाजार में हुआ था नरसंहार
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1997 को 26 जनवरी की शाम शहर के सुभाष बाजार में भाजपा नेता राजीव शुक्ला के बड़े भाई राजेश शुक्ला, राजेश शुक्ला, मासूम भतीजा गुड्डा, श्रीकांत पांडेय व वेदप्रकाश को ताबड़तोड़ गोलियों से भून डाला गया था। घटना में राजीव शुक्ला व रविकांत समेत पांच लोग भी गोली लगने से घायल हुए थे। पांच लोगों की सामूहिक हत्या से समूचा जिला थर्रा गया था। यहां स्थिति भी तनावपूर्ण हो गई थी।
पूर्व सांसद अशोक सिंह चंदेल समेत तमाम लोग हुए नामजद
सामूहिक हत्याकांड को लेकर पूर्व सांसद अशोक सिंह चंदेल, शराब कारोबारी रघुवीर सिंह, डब्बू उर्फ आशुतोष सिंह पुत्र रघुवीर सिंह, प्रदीप सिंह, श्याम सिंह, साहब सिंह, झंडू सिंह अरख, उत्तम सिंह, भान सिंह एडवोकेट व अस्त्र शस्त्र विक्रेता नसीम के अलावा रुक्कू के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। बताया जाता है कि यहां मुकदमा दौरान आरोपी झंडू सिंह अरख की मौत हो चुकी है।
तीन साल पहले हाईकोर्ट ने दी थी आजीवन कारावास की सजा राजीव शुक्ला एडवोकेट ने बताया कि इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई थी। 19 अप्रैल 2019 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने पूर्व सांसद अशोक सिंह चंदेल समेत नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सजा के बाद गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद सभी आरोपी जेल गए थे। पूर्व सांसद आगरा, डब्बू सिंह नैनी, श्याम सिंह, प्रदीप सिंह रुक्कू फतेहगढ़, साहब सिंह, नसीम बनारस व भान सिंह बरेली जेल में बंद हैं।
सुप्रीम कोर्ट की ट्रिपल बेंच से पूर्व सांसद को मिला बड़ा झटका
पीड़ित पक्ष के राजीव शुक्ला एडवोकेट ने बताया कि अशोक सिंह चंदेल समेत सात आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी। पीड़ित पक्ष की ओर से मीनाक्षी अरोड़ा, सोनिया माथुर व उदय प्रकाश यादव आदि अधिवक्ताओं ने पैरवी की।सुप्रीमकोर्ट की ट्रिपल बेंच के चीफ जस्टिस ललित, रवींद्र भट्ट व पीएस नरसिम्हा ने अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
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