अयोध्या: सपा का आरोप, निकाय चुनाव के नाम पर हो रहा खिलवाड़

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार,अयोध्या। नगर निकाय चुनाव की तैयारियों में सपा ने सरकार और प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया है। पार्टी के महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव का आरोप है कि परिसीमन और मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। आपत्तियों की सुनवाई नहीं हो रही और शिकायत के नाम पर बीएलओ …

अमृत विचार,अयोध्या। नगर निकाय चुनाव की तैयारियों में सपा ने सरकार और प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया है। पार्टी के महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव का आरोप है कि परिसीमन और मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। आपत्तियों की सुनवाई नहीं हो रही और शिकायत के नाम पर बीएलओ बदले जाने का खेल चल रहा है।

मंगलवार को वह सिविल लाइन स्थित एक होटल में मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि परिसीमन में नक्शा कुछ और बनाया गया तथा मतदाताओं को 2 से 4 किलोमीटर दूर के वार्ड में जोड़ दिया गया। सत्ताधारी दल की साजिश से चुनाव आयोग के फरमान को ठेंगा दिखाया जा रहा है। बीएलओ ना तो सत्यापन के लिए घर जा रहे हैं और ना ही बूथों पर मिल रहे। जीत की गुणा-गणित को सेट करने के लिए कहीं मतदाताओं का नाम ही कटवाया जा रहा है तो कहीं उनको दूर किसी वार्ड में जोड़ दिया जा रहा है।

बिना चुनाव घोषित हुए अभी से प्रशासन की मिलीभगत से निकाय पर कब्जा करने की कोशिश शुरू हो गई है। जीयनपुर गांव परिसीमन में दर्शन नगर वार्ड में है, लेकिन यहां के मतदाताओं को सरदार पटेल वार्ड में सम्मिलित कर दिया गया। सरदार पटेल वार्ड से नंदा पुर गांव के वोटर गायब है। चौधरी चरण सिंह वार्ड के मिर्जापुर शमशुद्दीन पुर गांव के वोटरों को 2 किलोमीटर दूर गंजा में जोड़ दिया गया। हद तो यह है कि शहर के महात्मा गांधी वार्ड में 4 किलोमीटर दूर स्थित अयोध्या के नोनहटिया ,कनीगंज,विद्याकुंड के मतदाताओं का नाम दर्ज है, जबकि विद्या खुद वार्ड है।

महानगर अध्यक्ष ने कहा कि आयोग के मानक एक वार्ड में 4500 से 5000 तक मतदाता होने चाहिये, लेकिन कहीं 2800-3000 तो कही 3-6 हजार मतदाता सची में है। झारखंडी वार्ड के मध्य स्थित बसंतहाता के मतदाताओं का नाम पुलिस लाइन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इतना ही नहीं एक ही मकान नंबर के मतदाताओं का नाम सूची में अलग-अलग क्रमांक पर दर्ज किया गया है। प्रशासन को ज्ञापन और शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। बीएलओ को लेकर शिकायत पर प्रभारी अधिकारी उसको बदल लेते हैं लेकिन प्रक्रिया जस की तस है। सरकार और आयोग निष्पक्ष चुनाव के लिए अभिलंब कदम उठाए। इस अवसर पर उपाध्यक्ष श्री चंद यादव, महासचिव हामिद जाफर मीसम, पूर्व प्रमुख राम अचल यादव आदि मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें-लखनऊ: शहर में लोगों ने चंद्र ग्रहण का किया दर्शन

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज