चित्रकूट : जेल में मना विधिक सेवा दिवस, बंदियों को दी कानून की जानकारी
अमृत विचार, चित्रकूट। विधिक सेवा दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला कारागार में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव विदुषी मेहा ने बंदियों को विधिक साहित्य वितरित किया। पूर्णकालिक सचिव विदुषी मेहा ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण …
अमृत विचार, चित्रकूट। विधिक सेवा दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला कारागार में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव विदुषी मेहा ने बंदियों को विधिक साहित्य वितरित किया। पूर्णकालिक सचिव विदुषी मेहा ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर आज यहां विधिक सेवा दिवस मनाया जा रहा है।
उन्होंने बंदियों को निशुल्क विधिक सेवा, मौलिक अधिकार, नालसा द्वारा नशा पीड़ितों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाली विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन योजना 2015 के तहत तंबाकू से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यदि जेल में निरुद्ध बंदी का कोई अधिवक्ता नहीं है तो वह विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क अधिवक्ता, विधिक सहायता प्राप्त करने का हकदार है।
इसके अलावा उच्च न्यायालय में वाद की पैरवी के लिए उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के संबंध में भी जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होंने बंदियों को उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त पुस्तकें भी वितरित कीं। साथ ही बंदियों को सही राह पर चलने व कारागार में अपना समय ज्ञान अर्जित करने में व्यतीत करने के लिए प्रेरित किया।
जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर ने प्रीमेच्योर रिलीज के प्रावधानों की जानकारी दी व कानून का पालन करने की सलाह दी। डॉ. रामानुजम ने तंबाकू के हानिकारक प्रभाव की जानकारी दी। इस मौके पर जेलर संतोष कुमार, उप कारापाल पीयूष पांडेय, रजनीश कुमार एवं जेल पराविधिक मौजूद रहे।
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