मेरठ: आधी रह जाएगी हस्तिनापुर सेंक्चुरी, नया परिसीमन तैयार

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हस्तिनापुर सेंक्चुरी का नया नक्शा बनाया, आदेश मिलते ही होगा लागू 

हस्तिनापुर सेंक्चुरी अभी तक पांच जिलों मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुज़फ्फरनगर, हापुड़ के दो हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली हुई हैं।

मेरठ, अमृत विचार। 2073 वर्ग किलोमीटर के बड़े भू-भाग में फैली हस्तिनापुर सेंक्चुरी का वन विभाग ने नया नक्शा तैयार किया है। वन विभाग के नए परिसीमन के बाद अब हस्तिनापुर सेंक्चुरी का भू-भाग पहले से आधा रह जाएगा। वहीं, कई गांव सेंक्चुरी से बाहर होंगे। शासन से अनुमति मिलते ही नया परिसीमन लागू कर दिया जाएगा

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पांच जिलों के दो हजार वर्ग में फैली है सेंक्चुरी
हस्तिनापुर सेंक्चुरी अभी तक पांच जिलों मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुज़फ्फरनगर, हापुड़ के दो हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली हुई हैं। वन विभाग के नए परिसीमन में हस्तिनापुर सेंक्चुरी का क्षेत्रफल लगभग 1095 वर्ग किलोमीटर रह जाएगा। जिसकी, शासन से जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हस्तिनापुर क्षेत्र में कुल 129 गांव पूर्व में सेंक्चुरी क्षेत्र में शामिल थे।

नए परिसीमन में 114 गांव शामिल किए गए हैं, जिसमें से 15 गांव को सेंक्चुरी से बाहर किया गया है, जो हस्तिनापुर और परीक्षितगढ़ के हैं। हस्तिनापुर सेंक्चुरी में 88 गांव पूर्ण रूप से शामिल किए गए हैं। वहीं, 26 गांव को आंशिक रूप से शामिल किया गया है। 114 गांव को सेंक्चुरी में शामिल करने के बाद इन पर वन अधिनियम के सभी नियम लागू होंगे। 114 गांव का वन विभाग ने नक्शा भी तैयार कर लिया है। जिसके, आधार पर अनुमति शासन से मिलते ही कार्य किया जाएगा। वहीं, नए परिसीमन के बाद सेंक्चुरी का क्षेत्रफल घटने से वन विभाग के अधिकारियों को सीमा को चिन्हित करने के लिए नए सिरे से कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। 

हस्तिनापुर क्षेत्र से बाहर हुए गांव
हस्तिनापुर क्षेत्र से मोड खुर्द, तजपुरा, इकवारा, गढ़ी, अकबरपुर गढ़ी, वहीं, दो गांव गैर आबाद हैं, जिनमें बस्सी विरान, और नाइ पुट्ठा शामिल है। आठ गांव परीक्षितगढ़ के बाहर किए गए हैं।

मिलेगी आजादी, नहीं लेनी होगी वन विभाग से अनुमति
सेंक्चूरी में शामिल गांवों पर भी वन अधिनियम के कानून लागू होते हैं। ऐसे, में यदि कोई ग्रामीण निर्माण, खेत से मिट्टी का खनन, पेड़ काटने आदि को लेकर वन विभाग की अनुमति लेता था। परंतु, सेंक्चुरी से निकलने के बाद अब अनुमति की जरुरत नहीं पड़ेगी। साथ ही सीमा चिन्हित होने से वन विभाग का दायरा भी तय हो जाएगा। अभी तक वन विभाग का दायरा तय नहीं था, जिस कारण थाना व वन विभाग में किसी घटना पर तालमेल नहीं बैठता था। 

नए परिसीमन में किस जिले कि कितनी हेक्टेयर भूमि है शामिल
1. बिजनौर 22798.39 हेक्टेयर
2. मुजफ्फरनगर 28619.64 हेक्टेयर भूमि
3. मेरठ 35111.85 हेक्टेयर
4. अमरोहा 19535.82 हेक्टेयर
5. हापुड़ 5429.31 हेक्टेयर
नए परिसीमन के आधार पर
5 जिलों में कुल 109495.01 हेक्टेयर भूमि को हस्तिनापुर सेंचुरी में शामिल किया गया है।

नए परिसीमन का सबसे ज्यादा असर बिजनौर पर होगा
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हस्तिनापुर सेंक्चुरी के नए परिसीमन का सबसे ज्यादा प्रभाव बिजनौर पर देखा जाएगा। बिजनौर में सबसे ज्यादा गांव को सेंक्चुरी से बाहर किया गया है। जिससे, सेंक्चुरी का क्षेत्रफल काफी घट गया है। जहां, पर अधिकारी अभी मंथन कर रहे हैं। वहां, की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

क्या बोले अधिकारी
राजेश कुमार  (डीएफओ, मेरठ) ने बताया कि नक्शा तैयार कर लिया गया है। शासन के आदेश का इंतजार है। आदेश मिलते ही नया परिसीमन लागू कर दिया जाएगा।

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