मुरादाबाद : अमानगढ़ जंगल पर्यटक स्थल के रूप में हो रहा विकसित, देखने को मिलेंगे बाघ

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Edited By Amrit Vichar
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खुशखबरी : जल्द ही ऑनलाइन बुकिंग कर सैर सपाटा कर सकेंगे पर्यटक

मंडल के अमानगढ़ जंगल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग की ओर से तेजी से कार्य कराए जा रहे हैं।

मुरादाबाद,अमृत विचार। मंडल के अमानगढ़ जंगल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए वन विभाग की ओर से तेजी से कार्य कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही विभाग ने यहां पर्यटकों के सैर सपाटा करने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के बाघ संरक्षण प्रभाग से एनओसी के लिए पत्र भेजा है। एनओसी मिलते ही पर्यटक ऑनलाइन बुकिंग कर सैरसपाटा कर सकेंगे।  

मौजूदा समय में जंगल के अंदर रास्तों का निर्माण कराया जा रहा है। पर्यटकों को घुमाने के लिए वन विभाग की ओर से 11 जिप्सी गाड़ियों को अनुमति दी जा रही है। आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले अमानगढ़ जंगल में पर्यटकों को भ्रमण कराने के लिए दिन में दो बार जंगल के अंदर वाहनों को भेजा जाएगा। इसके साथ ही जिन रास्तों से वाहन जाएंगे वहां सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। जंगल में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वन विभाग के 35 कर्मचारी जंगल में मौजूद रहेंगे।  वन विभाग के अफसरों का कहना है कि बाघ संरक्षण प्रभाग से अनुमति मिलने के बाद ही जंगल में पर्यटकों को प्रवेश दिया जायेगा। 

टाइगर, तेंदुआ व हाथी मौजूद 
अमानगढ़ जंगल जिम कार्बेट पार्क का हिस्सा है। इसलिए जंगल के अंदर जानवरों का आना-जाना लगा रहता है। वन विभाग द्वारा बीते दिनों कराई गई गणना के अनुसार मौजूदा समय में जंगल में 105 हाथी, 27 टाइगर, 168 तेंदुओं के साथ ही चीतल व हिरन समेत जंगली जानवर मौजूद है। 

14 गाइड देंगे जंगल और जानवरों की जानकारी
वन विभाग द्वारा पर्यटकों को अमानगढ़ जंगल घुमाने के लिए 14 स्थानीय लोगों को गाइड का प्रशिक्षण पूरा कराया है। अमानगढ़ घूमने आने वाले पर्यटकों को जंगल के बारे में पूरी जानकारी देने के लिए गाइड भी मौजूद रहेंगे। इन गाइड की तैनाती भी वन विभाग की ओर से की जायेगी। 

दो चौकियों का भी हो रहा निर्माण  
अमानगढ़ के जंगल के साथ ही पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर दो चौकियां बनाई जा रही है। इसके साथ ही पर्यटकों को रुकने के लिए जंगल से बाहर हट का निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि जंगल के अंदर वन विभाग का पुराना गेस्ट हाउस मौजूद हैं। उसका उपयोग वनकर्मियों के लिए किया जाता है। 


अमानगढ़ जंगल को पर्यटकों के लिए जल्द खोल दिया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है। बाघ संरक्षण योजना के तहत पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद पर्यटकों को घुमाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी जाएगी। -रमेश चंद्र, वन सरंक्षक

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