लखनऊ: विधि विवि के निलंबित छात्रों ने खाली किया हॉस्टल, रैगिंग के आरोप में किये गये थे निलंबित
अमृत विचार संवाददाता, लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विवि में रैगिंग के आरोप में निलम्बित किये गये छात्रों ने शुक्रवार को हॉस्टल खाली कर दिया। विवि प्रशासन ने उन पर छह माह के लिए हॉस्टल से निलम्बित और 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि उन पर क्लास करने, परीक्षा देने और लाइब्रेरी में नियत समय रहने पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
बता दें कि जुलाई माह में कुछ छात्रों पर विश्वविद्यालय में रैगिंग का आरोप लगा था, जिस पर बीते गुरुवार को बीए एलएलबी के तीसरे वर्ष छह छात्रों को छह महीने के लिए हॉस्टल से निलंबित किया गया हैं,और प्रत्येक छात्र पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। वहीं शुक्रवार तक हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया था।
इन छात्रों में तीसरे वर्ष के यर्थाथ टंडन, अभिषेक कुमार, ज्ञान दर्शन त्रिपाठी, ओलकृत गुप्ता, विद्या राज सिंह राजपूत और उत्कर्ष गुप्ता है। छात्रों का आरोप हैं कि चीफ प्रॉक्टर डॉ. केए पांडेय ने छात्रों को बिना सुने और बिना किसी सबूत के गलत तरीके से निलंबित किया हैं।
वहीं छात्रों का ये भी कहना हैं कि तीसरे वर्ष के छात्र यषार्थ टंडन उस दिन विश्वविद्यालय में था भी नहीं तब भी उसके बावजूद उसको हॉस्टल से निलंबित कर दिया गया हैं। इस फैसले के विरोध में बीए एलएलबी के छात्र प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठ गये थे। उधर, छात्रों की परीक्षा 17 नवंबर से शुरू होने वाली है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आये फैसले से छात्रों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
