राष्ट्रपति मुर्मू पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मंत्री को बर्खास्त किया जाए: अर्जुन मुंडा

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Edited By Amrit Vichar
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अखिल गिरि ने कहा था कि हम राष्ट्रपति के पद का सम्मान करते हैं लेकिन आपकी राष्ट्रपति दिखती कैसी हैं।  

केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने पश्चिम बंगाल के सुधार प्रशासन राज्य मंत्री अखिल गिरि की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली। केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने पश्चिम बंगाल के सुधार प्रशासन राज्य मंत्री अखिल गिरि की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर की गयी अभद्र टिप्पणी को महिलाओं एवं आदिवासी समाज का अपमान करार देते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है।

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अर्जुन मुंडा ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि मूर्मू पर की गयी अभद्र टिप्पणी की जितनी निंदा की जाए, कम है। इससे देश के 10 करोड़ से अधिक आदिवासी समाज के लोग बहुत आहत हुए हैं। इससे लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को स्पष्ट करना चाहिए कि गिरि ने यह टिप्पणी किसके कहने पर की।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर होता है। राष्ट्रपति विदेशों में देश का प्रतिनिधित्व करता है। गिरि ने मुर्मू के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करके देश का अपमान किया है। ममता बनर्जी को उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए और देश से माफी मांगनी चाहिए।

मुंडा ने कहा कि सन्थाल आदिवासी समाज की महिला मुर्मू को राष्ट्रपति बनाने पर पूरा विश्व भारत की सराहना कर रहा है। भारत के लोकतांत्रिक, स्पर्शी और समावेशी देश होने पर सभी को गर्व है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देना तृणमूल कांग्रेस की मंशा पर भी सवाल खड़ा करता है। इससे स्पष्ट होता है कि अशांति फैलाने के लिए ऐसी टिप्पणी जानबूझकर की गयी है।

गौरतलब है कि गिरि ने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेन्दु अधिकारी की उनके विरुद्ध की गयी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था, हम किसी का आकलन उसकी शक्ल-सूरत से नहीं करते। हम राष्ट्रपति के पद का सम्मान करते हैं लेकिन आपकी राष्ट्रपति दिखती कैसी हैं।  

अखिल गिरि ने बाद में हालांकि अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति पद का सम्मान करते हैं लेकिन अधिकारी उन्हें लंबे समय से निशाना बना रहे थे। वह अधिकारी पर बहुत गुस्सा थे और इसी कारण उनकी जबान फिसल गयी थी।

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