...कि दूरी से बिगड़ रही पर्यावरण के साथ जन सामान्य की सेहत

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Edited By Amrit Vichar
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राजधानी में लगातार कम होती जा रही है साइकिल की बिक्री, साइकिलिंग को बढ़ावा देने वाले साइकिल ट्रैक भी नदारद

अमृत विचार, लखनऊ। साइकिल से बढ़ती दूरी से न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है बल्कि लोग तेजी से अस्वस्थ्य हो रहे हैं। राजधानी में साइकिल चलाने वालों की संख्या तेजी से घट रही है। छात्र-छात्राओं के अलावा सिर्फ वे लोग ही साइकिल चलाने को मजबूर है जो वाहन नहीं खरीद सकते हैं। साइकिल व्यापारियों के अनुसार कोरोना काल में साइकिल की बिक्री ने तेजी पकड़ी थी, लेकिन संक्रमण का डर खत्म होते ही लोग वाहनों से चलना पसंद कर रहे हैं। इसी के चलते सार्वजनिक वाहनों के साथ ही दो पहिया वाहन भी सड़कों पर तेजी से बढ़ रहे हैं।

साइकिल व्यापारियों के अनुसार बीते मार्च माह तक राजधानी में रोजाना औसतन तीन से चार हजार साइकिलों की मांग थी। उसके बाद मांग गिरनी शुरू हो गई। पिछले महीने राजधानी में एक दिन में साइकिल बिक्री का आंकड़ा प्रतिदिन एक हजार तक सीमित हो गया है। लोग बच्चों की फरमाइश पर ही साइकिल खरीदने दुकानों पर आते हैं। अधिकांश लोगों ने अब साइकिल को भी स्टेटस सिंबल बना दिया है। कई घरों में महंगी साइकिलें तो हैं लेकिन उन्हें चलाने के लिए घर वालों के पास समय नहीं है। लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में साइकिल से दूरी बनाते जा रहे हैं। साइकिल को बढ़ावा देने से शहर में सबसे पहले तो जाम की समस्या से निजात मिल सकती है। वाहनों की तरह साइकिल में महंगा ईधन नहीं डलाना होता तो लोगों की जेब पर भार कम होगा।

शहर में लोग अधिक से अधिक साइकिल चलाए, इसके लिए राजधानी के विभिन्न इलाकों में सड़क के किनाने साइिकल ट्रैक भी बनाए गए थे। लेकिन अब साइकिल ट्रैक कहीं-कहीं देखने को मिलते हैं। अधिकांश जगहों पर साइकिल ट्रैक या तो खराब हो चुके है और कई जगहों पर लोगों ने अतिक्रमण कर इस पर कब्जा कर लिया है।

साइिकल चलाने के फायदे

  1.  साइकिल से किसी तरह का प्रर्यावरण प्रदूषण नहीं होता है
  2.  साइकिल चलाने से लोगों का स्वास्थ्य सही रहता है। फिटनेस बढ़ती है। मोटापा कम होता है।
  3.  साइकिल के रखरखाव में लागत कम लगती है।
  4.  वाहनों की तरह साइकिल में किसी तरह का ईधन नहीं पड़ता है।
  5.  साइकिल से दुर्घटना की संभावना कम रहती हैं।

अब इनकी भी सुनें

प्रो. जनरल मेडसिन डॉ. सूर्यकांत के मुताबिक,  रोजाना 30 मिनट साइकिल चलाने से फेफड़े मजबूत होते है। इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। लोग जल्दी बीमार नहीं पड़ते हैं। मोटापे से भी छुटकारा मिलता है। लखनऊ साइकिल एसोसिएशन के वरिष्ठ महामंत्री अमित अग्रवाल का कहना है कि साइकिल की बिक्री लगातार कम होती जा रही है। युवा वर्ग दो पहिया वाहनों को प्राथमिकता दे रहा है। छात्र-छात्राओं के अलावा सिर्फ वही लोग साइकिल चला रहे हैं जो दो पहिया वाहन नहीं खरीद सकते हैं। हालांकि सेलेब्रेटीज लोगों को साइकिल चलाने के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करते है, फिर भी लोग साइकिल से दूर होते जा रहे हैं।

जबकि पेडल यात्री साइकिलिंग एसोसिएशन के महासचिव आनंद किशोर पाण्डेय ने बताया कि हम लोग लखनऊ में लोगों को साइकिल चलाने के लिये प्रोत्साहित कर रहे हैं। पर्यावरण को बचाने के लिए हम हर रविवार को साइकिल यात्रा निकालते हैं। इसके प्रयोग से न केवल लोगों का स्वास्थ्य भी सुधरेगा और इसके चलाने के लिए जेब नहीं ढीली करनी होगी।



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