अयोध्या : बाल्यावस्था से ही श्री कृष्ण को चाहने लगी थीं रुक्मणी: हितेंद्र कृष्ण
अमृत विचार, अयोध्या। नगर निगम परिसर स्थित लेडीज क्लब में छठे दिन भागवत कथा सुनने के लिए हजारों की संख्या में श्रोता पहुंचे। श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग सुन भक्त भाव विभोर हो उठे। कथा के समापन के दौरान महिला श्रद्धालुओं ने दांडिया भी खेला।
भागवताचार्य हितेंद्र कृष्ण महाराज (श्रीधाम वृन्दावन ) ने श्रीकृष्ण विवाह प्रसंग का रसपान कराते हुए कहा कि विदर्भ के राजा भीष्मक के घर रुक्मणी का जन्म हुआ। बाल अवस्था से भगवान श्रीकृष्ण को सच्चे हृदय से पति के रूप में चाहती थीं, लेकिन भाई रुक्मणी का विवाह शिशुपाल के साथ कराना चाहता था।
रुक्मणी ने अपने भाई की इच्छा जानी तो उसे बड़ा दुख हुआ। अत: शुद्धमति के अंतपुर में एक सुदेव नामक ब्राह्मण आता-जाता था। रुक्मणी ने उस ब्राह्मण से कहा कि वे श्रीकृष्ण से विवाह करना चाहती हैं। सात श्लोकों में लिखा हुआ मेरा पत्र तुम श्रीकृष्ण तक पहुंचा देना।
उन्होंने बताया कि रुक्मणी ने स्वयं को प्राप्त करने के लिए उपाय भी बताया। पत्र में रुक्मणी ने बताया कि वह प्रतिदिन पार्वती की पूजा करने के लिए मंदिर जाती हैं, श्रीकृष्ण आकर उन्हें यहां से ले जाओ। पत्र के माध्यम से रुक्मणी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि आप इस दासी को स्वीकार नहीं करेंगे तो मैं हजारों जन्म लेती रहूंगी।
मैं किसी और पुरुष से विवाह नहीं करना चाहती हूं। उन्होंने बताया कि पार्वती के पूजन के लिए जब रुक्मणी आई, उसी समय प्रभु श्रीकृष्ण रुक्मणी का हरण कर ले गए। अत: रुक्मणी के पिता ने रीति रिवाज के साथ दोनों का विवाह कर दिया। इंद्र लोक से सभी देवताओं द्वारा पुष्पों की वर्षा की तथा खुशियां लुटाई।
आयोजन को लेकर दिखा उत्साह
प्रतिदिन की कथा का प्रसारण यू-ट्यूब पर लाइव हो रहा है। आयोजन को लेकर आसपास के क्षेत्र में उत्साह है। हजारों श्रद्धालु दिव्य कथा का आनंद एक ही मंडप में बैठ कर ले रहे हैं। इसे ईश्वर चैनल पर भी देखा जा सकता है।
