ठंड में अगर करना है सफर, तो लेकर निकले टॉर्च, Jhakarkati Bus Stand से चलने वाली बसों से लाइट गायब, जिम्मेदार अंजान
कानपुर में ठंड तो शुरू हो गई है, लेकिन झकरकट्टी बस अड्डे से चलने वाली बसों में अभी भी फॉग लाइट गायब है। इतना ही नहीं, खिड़कियों तक के शीशे टूटे है। बसों में सफर करने वाली यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे है।
कानपुर, अमृत विचार। नवंबर में सर्दी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह शाम ठंड के साथ ही हल्की धुंध पड़ने लगी है, जबकि रोडवेज बसों की तैयारी आधी अधूरी है। किसी बस में फॉग लाइट गायब है तो किसी के खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। अधिकतर की सीटें खस्ताहाल हैं।
इन सब समस्याओं ने रोजाना काफी संख्या में यात्री दो चार हो रहे हैं, जबकि अधिकारी आंख मूंदकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त बता रहे हैं। सिर्फ यही नहीं इस अव्यवस्था के खिलाफ चालक और परिचालकों में भी नाराजगी है।
झकरकटी, चुन्नीगंज और रावतपुर बस अड्डे से प्रदेश भर की रोडवेज बसें जाती हैं। रावतपुर से उत्तराखंड जाने वाली बसें मिलती है, जबकि चुन्नीगंज से दिल्ली रूट में यात्रा होती है। झकरकटी सबसे अधिक बसों वाला अड्डा हैं। यहां से पूरे प्रदेश भर में जाने के लिए बसे उपलब्ध हैं। तीनों अड्डों से प्रतिदिन 25 हजार से अधिक यात्री विभिन्न जिलों और प्रदेशों की यात्रा करते हैं।
तीनों बस अड्डों से लगभग बारह सौ बसें यात्रियों को लेकर उनके गतंव्य तक जाती हैं। यात्रियों का इतना अधिक भार होने के बाद भी अधिकारी बसों की मरम्मत व व्यवस्था को लेकर तैयार नहीं हैं। बस अड्डों से विभिन्न जिलों में जाने वाली अधिकांश बसों के शीशे टूटे हुए हैं। सीटों के नट खुलने के कारण सभी हिल रही हैं। जिन बसों में शीशे लगे भी हैं वे मरम्मत के अभाव में जाम हैं।
इस कारण उनका खिसकना मुश्किल हैं। रात के समय बस अड्डों से लंबी दूरी पर यात्रियों को ले जाने वाली बसों में फॉग लाइट तक नहीं है। कोहरा होने के कारण भगवान भरोसे यात्रा हो रही हैं। बस चालकों का कहना है कि यात्रा के दौरान आने वाली परेशानियों से अधिकारियों को अवगत कराया है। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। विवश होकर स्वंय ही फॉग लाइट व खराब बल्ब लगवा रहे हैं।
सर्दी व कोहरा को देखते हुए बसें सब अपडेट हैं। अगर कोई परेशानी है तो चालक विभाग में संपर्क करके परेशानी बताएं काम कराया जायेगा।- तुलाराम, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज मेंटीनेंस
