चित्रकूट: युवक की हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा
चित्रकूट। प्रेम प्रसंग में युवक की बेरहमी से हत्या कर शव को बोरे में भरकर फेंकने के मामले में दोषी पाए जाने पर दो सगे भाइयों को सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनको 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि तीन अगस्त 2013 को मानिकपुर थाना क्षेत्र के सरैंया गांव निवासी 22 वर्षीय युवक राजाराम पुत्र देवराज रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था।
परिजनों को दो दिन बाद राजाराम का शव गांव के बाहर नाले के पास मिला था। मृतक के बड़े भाई चुनकावन पुत्र देवराज ने इस मामले में गांव के ही रज्जू और विश्वकर्मा पुत्रगण सुमेर के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका कहना था कि उसका भाई अविवाहित था और उसका एक विवाहित महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था।
इस बात को लेकर गांव का ही रज्जू कई बार उसको जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। साथ ही घटना के बाद से ही रज्जू और उसका भाई विश्वकर्मा परिवार समेत घर से गायब हो गए थे। उन लोगों ने ही राजाराम को जान से मारने के बाद बोरे में भरकर नाले में छिपाया था।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद रज्जू और विश्वकर्मा के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने दोनों भाइयों रज्जू और विश्वकर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक को 12 हजार रुपये अर्थदंड दिया है।
