पोलैंड में मिसाइल हमला, दो की मौत... क्या बड़े यूरोपीय युद्ध की आशंका?

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Edited By Amrit Vichar
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कैनबरा। इस साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर सबसे प्रमुख आशंका युद्ध का माहौल बढ़ने को लेकर है। रूस के लड़ाकू बयान और वहां अस्थिरता को देखते हुए इन आशंकाओं को जायज माना जा रहा है। परमाणु हमले को लेकर चिंताएँ सुर्खियों में छाई हुई हैं, लेकिन नाटो के किसी भी सदस्य देश पर जाने-अनजाने में हमला बड़े युद्ध का सूचक होगा। अगर नाटो के सदस्य देश इसमें संलिप्त होते हैं तो रूस और यूरोप के पश्चिमी देशों के बीच अस्तित्व की होड़ शुरू हो सकती है। 

अब पोलैंड में यूक्रेन की सीमा से लगे गांव प्रजेवोडो में एक बड़े विस्फोट में दो लोगों की मौत की खबर आई है। रूस की ओर से बड़े हमले की यह घटना घटी जिसमें करीब 100 मिसाइलों को यूक्रेन में अनेक असैन्य तथा अवसंरचना महत्व वाले स्थानों को निशाना बनाकर दागा गया। क्या यह निर्णायक बिंदु है जो नाटकीय रूप से युद्ध की रूपरेखा को बदल सकता है? फिलहाल तो इसकी संभावना कम ही लगती है। लेकिन यह एक ऐसा संकट है जिसके आगे बढ़ने की संभावना है, और इसे टालने के लिए सावधानीपूर्वक प्रबंधन की आवश्यकता होगी। 

क्या इसका मतलब यह है कि युद्ध का विस्तार हो रहा है? नाटो संधि के अनुच्छेद 5 में स्पष्ट कहा गया है कि किसी एक देश पर हमला सभी के खिलाफ हमला है। अमेरिका में 2001 में 11 सितंबर को हुए हमले के बाद अनुच्छेद 5 लागू किया गया था। तो यहां क्या अलग है? एक बात तो यह है कि विस्फोट का ब्योरा अब भी अधूरा है। यह कोई रूसी मिसाइल हो सकती है जो लक्ष्य से चूक गयी हो। यह संभवत: यूक्रेन के पश्चिमी शहर ल्वीव के पास विद्युत उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाकर किया गया रूसी हमला हो सकता है।

 यूक्रेन के हवाई सुरक्षा बलों ने इसे नाकाम कर दिया था। वास्तव में, कुछ प्रारंभिक साक्ष्य हैं कि मिसाइल के टुकड़े रूस-निर्मित एस-300 , सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली के समान हैं, जिसका उपयोग यूक्रेन द्वारा आने वाली क्रूज मिसाइलों और दुश्मन के विमानों को गिराने के लिए किया जाता है। अगर ऐसा है, तो यह याद रखना होगा कि अगर रूसी सेना यूक्रेन में मिसाइल नहीं दाग रही होती तो कुछ भी नहीं होता। 

पोलैंड के नाटो संधि के अनुच्छेद 4 को पूरी तरह लागू करने की संभावना है। वह अपने क्षेत्र में हमले की जानकारी देने के लिए सैन्य गठबंधन की तत्काल बैठक का अनुरोध कर सकता है। वह नाटो की सामूहिक कार्रवाई के लिए बैठक में अनुच्छेद 5 पर जवाब पर जोर दे सकता है। मुख्य बात यह प्रतीत होती है कि मिसाइल हमला यूक्रेन द्वारा नाटो को संघर्ष में शामिल कराने के लिए जानबूझकर किया गया हमला था, हालांकि रशिया टुडे की मुख्य प्रचारक मार्गरीटा सिमोनियन ने व्यापक अनुमान लगाया है कि यह एक ब्रिटिश मिसाइल थी, या पोलैंड ने एक बड़ा युद्ध शुरू करने के लिए खुद पर हमला किया था। 

नाटो क्या कर सकता है?
अनेक विकल्प सामने होंगे। नाटो की प्रतिक्रिया सावधानी पूर्ण और संतुलित तरीके से बनी होनी चाहिए ताकि उसे निर्णायक तरीके से काम करते देखा जा सके, ना कि उकसावे के रूप में। 

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