उप्र की जेलें होंगी अत्याधुनिक सुविधा से लैस

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जेलों को अत्याधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा। जेलों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ संचार की आधुनिक प्राणाली का उपयोग किए जाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उप्र के आजमगढ़, लखनऊ , गौतमबुद्घनगर, बरेली, चित्रकूट के कारागारों को उच्च सुरक्षा कारागार के रूप …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जेलों को अत्याधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा। जेलों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ संचार की आधुनिक प्राणाली का उपयोग किए जाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उप्र के आजमगढ़, लखनऊ , गौतमबुद्घनगर, बरेली, चित्रकूट के कारागारों को उच्च सुरक्षा कारागार के रूप में विकसित किया जाएगा। इन कारागारों में नॉन लिनियर जंक्शन डिटेक्टर, ड्यूल स्कैनर बैगेज, फुल ह्यूमन बॉडी स्कैनर, मुलाकात घर हेतु कॉन्टेक्ट-लेस ग्लास, ड्रोन कैमरा, बॉडी वॉर्न कैमरे, नाइट विजन बाइनाकुलर, उच्च क्षमता के हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर, कंसरटीना फेन्सिंग, हैवी ड्यूटी स्टेब्लाइजर सिस्टम, जिला कारागार लखनऊ में सीसीटीवी कैमरे आदि की व्यवस्थाएं आवश्यकतानुसार सुनिश्चित की जाएं।”

उन्होंने कहा, “कारागारों में सुरक्षा व्यवस्था का सु²ढ़ीकरण करते हुए तलाशी एवं संचार व्यवस्था को आधुनिक प्रणालियों के माध्यम से किया जाए। उन्होंने कारागारों में आधुनिक उपकरणों व मशीनों की स्थापना के निर्देश दिए।”

योगी ने कहा, “कारागारों की पाकशालाओं में सफाई एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने एवं स्वच्छ पर्यावरण हेतु पाकशालाओं का आधुनिकीकरण किया जाए। ई-प्रिजन कार्ययोजना के सु²ढ़ीकरण हेतु मैनपावर तथा कम्प्यूटर हार्डवेयर की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कारागारों में हेवी ड्यूटी वॉशिंग मशीन की व्यवस्था के सम्बन्ध में प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।”

कारागारों में हर हाल में कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोका जाए। बंदियों व कारागार स्टाफ की कोविड-19 सम्बन्धी चेकिंग सुनिश्चित की जाए। संक्रमण पाये जाने पर शीघ्र कार्यवाही की जाए।” अपर मुख्य सचिव गृह, कारागार प्रशासन एवं सुधार अवनीश कुमार अवस्थी ने “मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कारागारों में उपकरणों-मशीनों के क्रय हेतु कार्यवाही प्राथमिकता से की जा रही है। इस सम्बन्ध में प्रस्ताव शीघ्र ही प्रस्तुत किया जाएगा। चरणबद्घ रूप से प्रदेश के सभी कारागारों एवं जनपद न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इकाइयों की स्थापना करायी गयी है।”

संबंधित समाचार