Kanpur Zoo में बढ़ी दर्शकों की संख्या, ठंड की शुरुआत में सक्रिय दिख रहे पशु, दो लाख पहुंच रहा प्रतिदिन का राजस्व

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Edited By Amrit Vichar
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Kanpur Zoo में दर्शकों की संख्या बढ़ी है। सर्दी की शुरुआत में पशु भी सक्रिय दिख रहे है। इससे दो लाख तक प्रतिदिन का राजस्व पहुंच रहा है।

कानपुर, अमृत विचार। शेर की दहाड़, हिरन की उछल कूद और भालू का मटक कर चलना दर्शकों को खूब रोमांचित कर रहा है। पशुओं की हरकतों में काफी बदलाव दिखने लगा है। वे दर्शकों के सामने हरकत करते हैं तो बच्चे तालियां बजाकर रोमांचित हो उठते हैं। बड़े भी बच्चों के साथ इन पलों का खूब आनंद ले रहे हैं।

इन दिनों इसी माहौल का असर चिड़ियाघर में दिख रहा है, जो यहां रौनक भी बढ़ा रहा है। दर्शकों में केवल रोमांचित हीं नहीं बढ़ा है, बल्कि चिड़ियाघर में भी प्रतिदिन चार गुना तक राजस्व की बढ़ोतरी हुई है।

नवंबर का महीना चिड़ियाघर के लिए रौनक लेकर आया है। गर्मी के मौसम की अपेक्षा इन बीते 15 दिनों में प्रतिदिन दर्शकों की संख्या में चार गुना तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे प्राणी उद्यान के राजस्व में भी इजाफा हुआ है तो वहीं चिड़ियाघर में चहल-कदमी बढ़ने से स्टाफ के चेहरों पर भी रौनक आ गई है। गर्मी में जानवर सुस्त रहते है।

इस वजह से पशु हरकत करते कम ही दिखते हैं। धूप की गर्मी से बचने के लिए या तो जानवर पानी के बैठे मिलते हैं या फिर अपनी बाड़े के अंदर सोते नजर आते हैं। दर्शक भी चिड़ियाघर या कहीं घूमने का मन कम ही बना पाते हैं। रेंज ऑफिसर नावेद इकराम ने बताया कि नवंबर से पहले तक प्रतिदिन एक हजार के करीब दर्शक चिड़ियाघर पहुंच रहे थे।

अब इसमें चार गुना तक बढ़ोतरी हुई है। दर्शकों की संख्या चार हजार तक पहुंची है तो वहीं दो लाख रुपये प्रतिदिन राजस्व भी बढ़ा है। जानवर हरकत करते नजर आते हैं तो दर्शकों में भी रोमांच बढ़ जाता है।

 

ये भी जानें

77 हेक्टेयर में फैला है चिड़ियाघर

1250 पशु पक्षी हैं

 

‘कौन है पुष्पा, कहां है पुष्पा’

कौन है पुष्पा, कहां है पुष्पा। पुष्पा फिल्म ने जिस तरह से लोगों की जुबां पर ये नाम जमा दिया था तो वहीं चिड़ियाघर की पुष्पा के आने से पहले ही उसे देखने की चाहत दर्शकों में जिज्ञासा बढ़ा रही है। चिड़ियाघर में शेर के बाड़े के पास पहुंचने वाले दर्शक अक्सर स्टाफ से यह पूछते हैं कि पुष्पा कहां है?, इसमें कौन सी पुष्पा है? हालांकि अभी दर्शकों के लिए बाड़े में अभी पुष्पा के नहीं होने से वे मायूस भी हो जाते हैं। जन संपर्क अधिकारी विश्वजीत तोमर बताते हैं कि अभी पुष्पा को क्वारंटीन पूरा नहीं हुआ है। पुष्पा बघिन अपने बाड़े से बाहर नहीं निकल पा रही है। उन्होंने बताया कि लायन सफारी इटावा में पुष्पा एक बाड़े में रही है, इस वजह से उसका स्वभाव बदलने में वक्त लग रहा है।

 

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