बरेली: गौस-ए-आजम का आंदोलन झूठ और फरेब के खिलाफ था- मौलाना शहाबुद्दीन रजवी

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दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तकरीर करते हुए कहा कि सूफी रुहानी सिलसिला

बरेली,अमृत विचार। दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तकरीर करते हुए कहा कि सूफी रुहानी सिलसिला कादरिया के संस्थापक हजरत गौस-ए-आजम ने बचपने से ही झूठ और फरेब के खिलाफ आन्दोलन शुरू कर दिया था। अपनी छोटी सी उम्र में सच बोलकर डाकूओं को हैरान कर दिया। जिसका नतीजा यह हुआ कि डाकू छोटे बच्चे के सच बोलने से इतना प्रभावित हुए कि अपने गलत कामों से तौबा कर ली। जिन्दगी भर लूटमार चोरी चकारी से निजात हासिल करके खुदा के नेक और अच्छे बन्दे बन गए।

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मौलाना ने यह बातें कस्बा हाफिजगंज जिला बरेली में आयोजित गौसे आजम कांफ्रेंस में कहीं। मौलाना ने तकरीर में आगे कहा कि गौस-ए-आजम ने अपने अनुयायियों को हिंसा और कट्टर विचारधारा के खिलाफ शिक्षा दी है। उनकी पूरी जिन्दगी सूफिज्म को बढ़ावा देने और अमन व शांति की शिक्षा प्रदान करने में गुजरी। कांफ्रेंस में मुख्य रूप से कारी गुलाम मुस्तफा, ताहिर रजा फरीदी, अयाज रजवी, मौलाना जफरूद्दीन, ज़ारिफ गद्दी आदि ने अपने विचार रखे।

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