आगरा: यूनिवर्सिटी में मिले विनय पाठक के भ्रष्टाचार के सुबूत, होगी जांच 

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Edited By Amrit Vichar
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आगरा, अमृत विचार। आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पूर्व प्रभारी कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक के खिलाफ भ्रष्टाचार के सुबूत मिले हैं। जांच कर रही एसटीएफ को अब भुगतान बिल में छेड़छाड़ के साक्ष्य मिले हैं। इनमें ओवरराइटिंग हुई है और तारीख बदली गई है। शिकायत के बाद कुलपति ने मामले की जांच के लिए समिति बना दी है।

मिली जानकारी के अनुसार प्रभारी कुलपति प्रो. पाठक के कार्यकाल में परिणाम तैयार करने वाली एजेंसी के बिल, भुगतान, टेंडर, नियुक्तियां और अन्य विकास कार्यों की जांच एसटीएफ कर रही है। टीम ने 20 दिन की जांच में संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। भुगतान के बिल में ओवरराइटिंग मिली है। एक बिल में आदेश की तारीख से भी छेड़छाड़ कर उसे बदल दिया गया है। 

 इस मामले में एसटीएफ ने कुलपति को पत्र लिखा है। आपत्ति जताते हुए दस्तावेज व अन्य साक्ष्यों में किसी तरह के बदलाव न करने की हिदायत देने को भी कहा है। 

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