संभल: वाल्मीकि समाज के दूल्हे की बरात बैंड बाजे से चढ़वाने की लगाई गुहार, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
संभल/चन्दौसी, अमृत विचार। जुनावई क्षेत्र के गांव लोहावई गांव में बैंड बाजा व घोड़ी बग्गी से वाल्मीकि समाज के दूल्हे की बरात चढ़ाने के लिए भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन ने अनुमति मांगी है। भावाधस के पदाधिकारियों ने शनिवार को उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बरात चढ़ाने व लोगों की सुरक्षा को लेकर पुलिस कर्मियों की शादी वाले दिन ड्यूटी लगाने की मांग की है।
पदाधिकारियों ने बताया कि देश की आजादी के 75 वें वर्ष पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। लेकिन गांव लोहावई में वाल्मीकि समाज के लोग गुलामी की जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। आरोप है कि इस गांव के ग्रामीण वाल्मीकि समाज की बेटियों की बरात घोड़ी बग्गी व बैंड बाजा से नहीं चढ़ने देते हैं। इसके चलते राजू चौहान ने प्रशासन को बताया कि उसकी बेटी की 25 नवंबर को बरात आनी है।
उन्होंने बैंड बाजे से बकात चढ़ाने के लिए पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है। साथ ही बरात व परिवार के लोगों की सुरक्षा से लेकर बरात चढ़ने व विदाई होने तक गांव में पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की है। भावाधस व सपा नेता सुभाष वाल्मीकि ने बताया कि 50 वर्ष से ज्यादा हो गए हैं, ग्रामीणों ने अभी तक किसी भी वाल्मीकि समाज की बेटी की आई बरात बैंड बाजे से सम्मान से नहीं चढ़ने दी है। उनकी भी प्रशासन से मांग है कि गांव में पुलिस की सुरक्षा के बीच बरात चढ़वाई जाए। इस दौरान चंदन लाल, रिंकू चौहान, मदन लाल, कैलाश चंद, अजय कुमार, महेंद्र पाल आदि शामिल रहे।
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