लखनऊ : एसटीएफ नोटिस पर धड़ाधड़ मुख्यालय पहुंच रहे कई कुलपति व अधिकारी

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Edited By Amrit Vichar
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प्रोफेसर विनय पाठक प्रकरण : 22 लोगों को जारी किया गया था एसटीएफ की तरफ से नोटिस

शुक्रवार को चार कुलपतियों ने मुख्यालय पहुंचकर दर्ज कराया था बयान

अमृत विचार, लखनऊ। कमीशनखोरी के आरोपों में फंसे कानपुर की छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय पाठक के खिलाफ एसटीएफ की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। एसटीएफ की ओर से जारी किए गए नोटिसों पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति व अन्य अधिकारी धड़ाधड़ एसटीएफ मुख्यालय में पहुंच रहे हैं। पूछताछ के क्रम में एसटीएफ के सामने प्रो. विनय पाठक के कई काले कारनामे खुल रहे हैं।

शनिवार को दर्ज हुए तीन लोगों के बयान

विदित हो कि प्रो. विनय पाठक के मामले को लेकर जांच के बाद एसटीएफ की ओर से पूछताछ के लिए करीब 22 लोगों को नोटिस जारी किया गया था। इनमें कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रति कुलपति, वित्त अधिकारी आदि शामिल थे।

गत शुक्रवार को भी चार विश्वविद्यालयों के कुलपति ने एसटीएफ मुख्यालय पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए थे। सूत्रों के अनुसार शनिवार को भी तीन लोगों ने मुख्यालय पहुंचकर एसटीएफ के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए हैं। नोटिस के सापेक्ष अबतक कुल 13 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

कई राज्यों के विश्वविद्यालयों तक फैला था प्रो. विनय का नेटवर्क

जांच के क्रम में एसटीएफ को पता चला है कि प्रो. विनय पाठक का न सिर्फ उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, बल्कि आसपास के प्रदेशों उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली तक के कई विश्वविद्यालयों में नेटवर्क फैला हुआ था। एसटीएफ को विभिन्न विश्वविद्यालयों के दस्तावेजों की जांच के क्रम में पता चला है कि प्रो. विनय पाठक बड़े टेंडरों के लिए कुलपतियों से सिफारिशें करते थे।

प्रो. विनय पाठक के नई दिल्ली तक नेटवर्क के चलते कई कुलपति उनके कहे अनुसार टेंडर प्रक्रिया में ढील भी देते थे। न सिर्फ एकेटीयू, सीएसजेएमयू व आगरा यूनिवर्सिटी, बल्कि कई और यूनिवर्सिटी में भी प्रो. विनय ने अपने करीब अजय शर्मा की एजेंसियों को सिफारिशों के दम पर नियमों का उल्लंघन कर टेंडर दिलवाए थे। इसके पीछे कमीशनखोरी का बड़ा खेल था।

प्रो. विनय पाठक के विदेश भागने की आशंका

एसटीएफ को अब तक प्रो. विनय पाठक की वर्तमान लोकेशन के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि प्रो. विनय गुजरात में छिपा हुआ है। गुजरात में कई जगहों पर दबिश दी गई पर कोई सुराग नहीं मिला। अब कयास लगाये जा रहे हैं कि प्रो. विनय पाठक गिरफ्तारी के डर से विदेश भाग गया है।

फिलहाल एसटीएफ तकनीकी सेल की मदद से उसकी खोजबीन करने में जुटी हुई है। एसटीएफ के एसएसपी विशाल विक्रम के मुताबिक, प्रो. विनय पाठक के प्रकरण में 22 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस किया गया था। कई लोगों ने मुख्यालय पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। शेष लोगों को भी रिमाइंडर भेजा जाएगा कि वे जल्द से जल्द अपने बयान दर्ज कराएं।

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