मेरठ कॉलेज के कर्मचारी ने की आत्महत्या, परिजनों ने पुलिस पर उत्पीड़न का लगाया आरोप
इंचोली थाना क्षेत्र के बीटा गांव निवासी फेरम सिंह राणा पुत्र कर्ण सिंह गंगानगर एफ ब्लॉक में परिवार के साथ रह रहे थे। वह मेरठ कॉलेज में कर्मचारी थे और प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य भी करते थे।
मेरठ, अमृत विचार। गंगानगर एफ ब्लॉक निवासी मेरठ कॉलेज के कर्मचारी व प्रॉपर्टी डीलर ने अपने ऑफिस में फांसी लगा ली। परिजनों का आरोप है कि अमन विहार में 6 दिन पूर्व पड़ी डकैती के मामले में पुलिस ने उन्हें सरधना से हिरासत में लिया और 3 दिन थाने में रखा था। उसके बाद से वह डिप्रेशन में चल रहे थे। रविवार शाम उन्होंने फांसी लगा ली। परिजनों ने सीओ सदर देहात, एसओ का घेराव किया।
क्या है मामला ?
इंचोली थाना क्षेत्र के बीटा गांव निवासी फेरम सिंह राणा पुत्र कर्ण सिंह गंगानगर एफ ब्लॉक में परिवार के साथ रह रहे थे। वह मेरठ कॉलेज में कर्मचारी थे और प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य भी करते थे।
बीते सोमवार सुबह 5:30 बजे अमन विहार में सपा कार्यकर्ता व व्यापारी श्रवण कुमार के यहां डकैती की घटना हुई थी। इस मामले में 16 नवंबर को पुलिस ने फेरम सिंह राणा वह अन्य दो लोगों को जबरन हिरासत में लेकर 3 दिन तक पूछताछ के नाम पर थाने में बैठाकर रखा। बीते 18 नवंबर को उन्हें छोड़ दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि उसके बाद से ही डिप्रेशन में थे और खाना भी नहीं खा रहे थे। उन्हें डर था कि पुलिस दोबारा उन्हें उठा लेगी इससे समाज में बदनामी होगी । रविवार शाम अम्हेडा रोड स्थित वह अपने प्रॉपर्टी डीलिंग कार्यालय पर पहुंचे। वहां उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
फोन रिसीव ना होने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। वह उनके ऑफिस पर पहुंचे, वहां देखा तो अंदर से दरवाजा बंद था। दरवाजा तोड़कर परिजन अंदर पहुंचे तो उन्हें फांसी पर लटका पाया। घटना के बाद उन्हें गंगानगर के एक अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से हंगामा खड़ा हो गया। मौके पर सीओ सदर देहात देवेश सिंह, गंगानगर थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह को उनके परिजनों ने घेर लिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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