बांदा : मछली फंसाने को जाला डाला, फंस गई करोड़ों की अष्टधातु मूर्ति 

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Edited By Amrit Vichar
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मूर्ति बाजार में बेचने की चल रही थी तैयारी,भनक लगते ही पुलिस ने मूर्ति कब्जे में ली 

अमृत विचार, बांदा। चंद्रावल नदी में मछली पकड़ने के लिए जाला डाला गया। जाल में अष्टधातु की भगवान राम की मूर्ति जाल में फंस गई। मछुवारों ने मूर्ति को बाहर निकाल लिया। चुपचाप उसे घर ले जाने और बेचने की तैयारी हो रही थी। तभी ग्रामीणों की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मूर्ति को कब्जे में लेकर थाने के मालखाने में जमा करा दिया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मूर्ति की कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। 

जसपुरा थाना क्षेत्र के अमारा गांव स्थित चंद्रावल नदी में चार दिन पहले गांव के मछुवारे जाल डालकर मछली पकड़ रहे थे। जैसे ही जाल नदी में फेंका गया, उसी समय वेशकीमती अष्टधातु की भगवान राम की मूर्ति जाल में फंस गई। मछुवारों को यह आभास हुआ कि कोई वजनदार मछली फंस गई है।

किसी तरह जाल को बाहर निकाला गया। देखा गया तो उसमें मूर्ति फंसी हुई थी। यह मूर्ति अष्टधातु की बताई जा रही है। मछुवारे मूर्ति पाने के बाद गुपचुप हो गए और उसे ठिकाने लगाने की जुगत लगाने लगे। इसी बीच गांव के ही कुछ लोगों को मूर्ति मिलने की भनक लग गई। ग्राीणों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पाकर थानाध्यक्ष जसपुरा धर्मेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल राजेंद्र मिश्रा, धीरेंद्र सिंह, कांस्टेबल प्रहलाद भार्गव, शैलेंद्र प्रताप, लाखन सिंह सेंगर अमारा गांव जा धमके और मूर्ति को कब्जे में ले लिया।

फिलहाल थाने के मालखाने में मूर्ति को जमा कराया गया है। इस मूर्ति के बरामदगी से क्षेत्र के ग्रामीणों का मानना है कि इस मूर्ति की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपए की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मूर्ति या तो बाढ़ में बहकर आ गई या फिर कोई व्यक्ति इसे चुराकर ले आया और राज खुलने के भय से इसे चंद्रावल नदी में फेंक दिया गया।

उधर यह भी आशंका जताई जाती है कि इतनी वजनदार मूर्ति बाढ़ में कैसे बहकर आ जाएगी। थानाध्यक्ष जसपुरा धर्मेन्द्र कुमार का कहना है कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक यह मूर्ति अष्टधातु की बताई गई है।

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