लखनऊ : संपत्ति बनी केंद्रीय राज्यमंत्री के भतीजे की मौत की वजह
अमृत विचार, लखनऊ। दुबग्गा थाना क्षेत्र के बेगरिया गांव में केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के भतीजे नंद किशोर रावत (47) के आत्महत्या की वजह उनके द्वारा दोनों पत्नियों और बच्चों के नाम पर खरीदी गई संपत्ति है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि नंद किशोर ने बीते सालों में दोनों पत्नियों और बच्चों के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी थी। जिसे लेकर घर पर अक्सर विवाद होता था।
पहली पत्नी के नाम पर अगर कुछ खरीदा जाता था तो दूसरी पत्नी उसे लेकर घर में लगातार विवाद करती थी। जिसे लेकर काफी समय से वह परेशान चल रहा था। सूत्रों की माने तो नंदकिशोर ने एक दिन पहले ही बैंक से लाखों रुपये निकाला था। जिसे लेकर घर में कई घंटो तक विवाद चला था।
दोनों पत्नियों से नंद किशोर के हैं छह बच्चे
पुलिस के अनुसार नंद किशोर ने दो शादी की थी। एक पत्नी हिन्दू समुदाय से है, जबकि, दूसरी पत्नी मुस्लिम समुदाय से है। दोनों पत्नियों से कुल छह बच्चे हैं। पहली पत्नी पूजा से बेटा विशाल और आदर्श व बेटी अंशिका और सिखा हैं, जबकि, दूसरी पत्नी शकीला से दो बच्चे अफजल व साहिल हैं। हालाकि पूरे मामले में पुलिस छानबीन कर रही है। अभी तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
शादी की तैयारी, मातम में बदली
नंद किशोर के भाई अजय रावत ने बताया कि 24 नवंबर को भतीजी सृष्टि रावत की शादी है। जिसे लेकर महीनों से तैयारियां चल रही थी। शादी के एक दिन पहले हुई इस घटना ने शादी के माहौल को मातम में बदल दिया। नंद किशोर ने परिवार के सदस्यों को कपड़ों की खरीदारी के लिए अभी 50 हजार रुपये दिए थे। जिससे परिवार के सभी सदस्यों के लिए कपड़े खरीदे गए थे। पूरा परिवार इनकी मौत से मानसिक तनाव में है। बताया यह भी जा रहा है कि नंद किशोर मानसिक तनाव में होने के कारण इस बीच शराब का सेवन भी अधिक करने लगे थे। नंद किशोर ने बेगरिया में 2015 में बालाजी मंदिर की स्थापना कराई थी। जो मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष भी थे।
मंत्री की बहू ने भी सुसाइड का किया था प्रयास
बता दें कि बीते 2021 में कौशल किशोर की बहू अंकिता ने भी सुसाइड करने की कोशिश की थी। अंकिता ने उनके घर के बाहर पहुंचकर अपने हाथ की नस काट ली थी। इतना ही नहीं अंकिता ने सुसाइड अटेम्प्ट का वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में अंकिता ने कहा था कि मैं किसी से नहीं लड़ सकती क्योंकि तुम्हारे पापा सांसद और मां विधायक हैं, मेरी कोई नहीं सुनेगा, मैंने आज तक किसी को तुम्हें हाथ नहीं लगाने दिया, तो मैं तुम्हें कैसे मार सकती हूं।
