सितारगंज: मिलीभगत कर सरकारी भूमि में अवैध कब्जे का प्रयास
सितारगंज, अमृत विचार। हाइवे किनारे लगी बेशकीमती सरकारी भूमि की एसडीएम ने पैमाईश शुरु करा दी है। नापजोख के प्रथम चरण में भूमि सरकारी निकलकर सामने आ रही है। जिसकी खरीद फरोख्त कर दी गई है। प्रशासन ने सरकारी सम्पत्ति को अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराने के लिए तस्दीक टीम का गठन कर दिया है। सम्पूर्ण भूमि तस्दीक होने के बाद प्रशासन खाली पड़ी, कब्जेदार वाली दोनों तरह की सरकारी की भूमि को मुक्त कराकर पिलरबंदी करायेगा।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अवैध कब्जेदारों में हड़कम्प मचा हुआ है। अवैध कब्जेदार सरकारी भूमि हड़पने के चक्कर में लगे हुए है। चोरगलिया बाइपास के पास हाइवे में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आने पर राजस्व अधिकारियों ने जांच शुरु कर दी है। शुक्रवार को एसडीएम तुषार सैनी, तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी, पटवारी नरेंद्र कुमार, संजय कुमार, रामअवतार ने सरकारी भूमि की पैमाईश शुरु की।
इस दौरान भूमाफिया में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में अफसरों को अधिकांश भूमि सरकार राज्य संपत्ति की निकलकर सामने आ रही है। एसडीएम ने इस पर जांच कमेटी गठित कर दी है। एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि प्रांतीय सरकार की भूमि निकलने पर सभी अवैध कब्जेदारों से भूमि मुक्त कराकर पिलरबंदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ जांच कमेटी दो दिन के भीतर प्रांतीय सरकार की भूमि को तस्दीक कर रिपोर्ट देगी। जिसके बाद तत्काल भूमि को मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
