हल्द्वानी: De-activate क्रेडिट कार्ड के last 4 Digit बताकर गंवा दिए दो लाख

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। डी-एक्टिवेट क्रेडिट कार्ड के चार अंक बता कर एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारी ने दो लाख रुपए गंवा दिए। इसका भी पता बुजुर्ग को कई दिन बात तब लगा, जब बेटे ने उनका मोबाइल चेक किया। अब मुखानी पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और जांच साइबर सेल के सुपुर्द कर दी गई है। 

रामड़ी जसुवा गणेसनगर कठघरिया फतेहपुर निवासी भुवन चन्द्र तिवारी पुत्र स्व. गोविन्द बल्लभ तिवारी पीडब्ल्यूडी रामनगर में तैनात थे और तीन साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। वह यहां पत्नी मोहनी, दो बेटे हितेश और गौरव के साथ रहते हैं।

बकौल भुवन बीती 18 नवंबर की दोपहर उनके पास एक लड़की का फोन आया और उसने खुद को बैंक कर्मी बताया। कहा, उन्होंने जो क्रेडिट कार्ड लिया है, उसे अभी तक एक्टिवेट नहीं कराया है। कार्ड को एक्टिवेट या डी-एक्टिवेट करने के लिए उन्हें कार्ड पर लिखे चार अंक बताने होंगे।

युवती ने बुर्जुग से पिन के साथ उनका नाम पूछा और फोट काट दिया। फोन काटते ही उनके खाते से एक लाख 98 हजार रुपए कट कट गए, लेकिन इसका पता उन्हें 21 नवंबर को तब लगा जब बेटे हितेश ने उनका मोबाइल चेक किया। जिसमें मैसेज था कि उनके रुपये गुड़गांव पहुंच गए हैं। 

मुझे तो एबीसीडी तक पता नहीं है इसकी
हल्द्वानी। भुवन का कहना है कि उन्होंने बैंक खाते में बच्चों की शादी के लिए ठीक-ठाक पैसे रखे हैं। सभवत: बैंक बैलेंस देख कर बैंक मैनेजर उनके पीछे पड़ गए और क्रेडिट कार्ड वाले फार्म पर दस्तखत करा लिए। जबकि उन्हें तो क्रेडिट कार्ड की एबीसीडी तक पता नहीं है। उल्टा वह कार्ड को एक्टिवेट कराने के लिए बैंक जाने वाले थे। बैंक मैनेजर तो चाह रहे थे कि बसंत उनके बैंक से गोल्ड लोन भी ले लें। ये कार्ड डेढ़ माह पहले ही बसंत को मिला था और इसकी लिमिट दो लाख थी। जिसमें से जालसाज ने एक लाख 98 हजार की चपत लगा दी। 

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