FIFA World CUP 2022 : जापान की निगाहें कोस्टा रिका पर जीत से नॉकआउट में पहुंचने पर 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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दोहा (कतर)। फीफा विश्व कप के शुरूआती मुकाबले में चार बार की चैम्पियन जर्मनी पर उलटफेर भरी जीत दर्ज करने के बाद जापान की निगाहें ग्रुप ई में कोस्टा रिका फुटबॉल टीम के खिलाफ जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण में जगह बनाने पर लगी होंगी। जापान की इस जीत की तुलना इंग्लैंड में 2015 रग्बी विश्व कप में जापान की दक्षिण अफ्रीका पर 34-32 की उलटफेर भरी जीत से की जा रही है।

जर्मनी जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ ‘अंडरडॉग’ (छुपा रूस्तम) के तौर पर उतरा जापान कोस्टा रिका के खिलाफ प्रबल दावेदार होगा और इसमें जीत उसे एक मैच रहते नॉकआउट चरण में पहुंचा देगी। कोस्टा रिका को शुरूआती मैच में स्पेन से 0-7 से हार मिली थी जिससे रविवार को जापान से हार उसे टूर्नामेंट से बाहर कर देगी। 

कोस्टा रिका को अपने अंतिम मैच में जर्मनी से भिड़ना है और जापान का सामना स्पेन से होगा। पांच लाख के करीब लोगों की आबादी वाला कोस्टा रिका अपने छठे विश्व कप में खेल रहा है। मध्य अमेरिका का यह छोटा सा देश ब्राजील में 2014 में क्वार्टरफाइनल तक पहुंचा था। वहीं जापान की टीम कभी भी विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में नहीं पहुंची है जिससे इस बार वह ऐसा करने के लिये प्रतिबद्ध होगी। टीम लगातार सातवीं बार विश्व कप में खेल रही है और वह तीन बार राउंड 16 तक पहुंची है जिसमें 2018 में रूस का विश्व कप भी शामिल है। 

जापान के कोच हाजिमे मोरियासू इस बार टीम को क्वार्टरफाइनल तक पहुंचाने के बारे में बात कर रहे हैं। स्थानापन्न रित्सु दोआन और ताकुमा असानो ने जर्मनी के खिलाफ अंत में गोल दागे थे, ये दोनों जर्मनी की बुंदेसलीगा में खेलते हैं। स्पेन के खिलाफ मिली हार के बाद कोस्टा रिका के कोच लुई फर्नांडो सुआरेज ने कहा, ‘‘हम तीन या चार पास पूरे नहीं कर सके। ’’ इससे कोस्टा रिका के सामने जापान के खिलाफ गेंद को कब्जे में रखने की कड़ी चुनौती होगी। 

डी ब्रुइन और बेल्जियम को मिलेगा विश्वकप में प्रभाव छोड़ने का दूसरा मौका 
इधर, बेल्जियम के स्टार मिडफील्डर केविन डी ब्रुइन जानते हैं कि उन्होंने और उनकी टीम ने पिछले मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था, जिसकी भरपाई वह विश्वकप में मोरक्को के खिलाफ रविवार को होने वाले दूसरे मैच में पूरी करना चाहेंगे। डी ब्रुइन को पिछले मैच में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था लेकिन उन्होंने तब कहा था,‘‘ मैं नहीं जानता कि मुझे यह ट्रॉफी क्यों दी गई है। हो सकता है कि मेरी ख्याति के कारण ऐसा किया गया हो।’’

बेल्जियम ने अपने पहले मैच में कनाडा को 1-0 से हराया लेकिन उसकी टीम किसी भी समय प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही। अब बेल्जियम को मोरक्को के खिलाफ रविवार को यह साबित करना होगा कि आखिर वह विश्व में ब्राजील के बाद दूसरे नंबर की टीम क्यों है। बेल्जियम को उसके स्टार खिलाड़ियों के कारण खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उसकी टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो 30 वर्ष से अधिक के हैं और उनका यह आखिरी विश्वकप हो सकता है। इनमें डी ब्रुइन, एडेन हैजार्ड, एक्सल विटसेल, जान वर्टोंघेन, टोबी एल्डरविएरल्ड और गोलकीपर थिबाउट कर्टोइस शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी अब आगामी मैचों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे।

 कनाडा के खिलाफ प्रदर्शन को कोच रहते हुए टीम का सबसे खराब मैच करार देने वाले बेल्जियम के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज मोरक्को के खिलाफ कुछ नए चेहरों को मैदान में उतार सकते हैं। इनमें स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकु भी शामिल है जो चोटिल होने के कारण कनाडा के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाए थे। मोरक्को ने अपने पहले मैच में 2018 में उपविजेता रही क्रोएशियाई टीम के खिलाफ गोल रहित ड्रा खेला था जो उसके कोच वालिद रेगरागुई के लिए उत्साहजनक शुरूआत रही थी। टीम ने इस मैच में अपनी रक्षा पंक्ति की मजबूती दिखाई थी और बेल्जियम के खिलाफ वह अपने इसी प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेंगे।

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