यूपी में इनोवेशन व इन्क्यूबेशन को मिलेगा बढ़ावा: राज्यपाल
लखनऊ। कोविड-19 के दौर में नियमित रूप से ई-कंटेट उपलब्ध कराना सराहनीय है, लेकिन यह एक चुनौती से कम नहीं है। इस दौर ने कई चुनौतियों को अवसर में बदला है। इसी को देखते हुए एकेटीयू प्रदेश सरकार की ओर से इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन को बढ़ावा देने के लिए एक कंपनी की स्थापना की जा …
लखनऊ। कोविड-19 के दौर में नियमित रूप से ई-कंटेट उपलब्ध कराना सराहनीय है, लेकिन यह एक चुनौती से कम नहीं है। इस दौर ने कई चुनौतियों को अवसर में बदला है। इसी को देखते हुए एकेटीयू प्रदेश सरकार की ओर से इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन को बढ़ावा देने के लिए एक कंपनी की स्थापना की जा रही है। इस कंपनी की स्थापना प्राविधिक शिक्षा में प्रोडक्ट बेस्ड लर्निंग के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। ये बात राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कही।
राज्यपाल डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस के मौके पर रविवार को मुख्य अतिथि के रूप में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित हुईं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेसिंग से स्थापना दिवस समारोह मनाया गया।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, अपर मुख्य सचिव प्राविधिक शिक्षा राधा एस चौहान एवं प्रो. मंगल सुंदरम, चीफ कार्डिनेटर, डीटीएच, आईआईटी भी उपस्थित थे। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि एकेटीयू ने यूनिवर्सिटी इंडस्ट्री इंटरफेस सेल के माध्यम से पूल कैम्पस प्लेसमेंट के लिए सफल प्रयास किये हैं। विवि की कार्य प्रणाली का डिजिटलीकरण भी सराहनीय है।
कोविड-19 के दौर में एकेटीयू का प्रयास सराहनीय
राज्यपाल ने कहा संस्थानों की गुणवत्ता सुधर के लिए विवि द्वारा एनबीए एक्रिडिटेशन के लिए भी सफल प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थानों की कुल 62 ब्रांचो को हाल ही में एनबीए से एक्रिडिटेशन प्राप्त हुआ है।
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सक्रिय है विश्वविद्यालय
इस मौके पर विश्वविद्यायल के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में लगातार सकारात्मक प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुलाधिपति की ओर से प्राप्त मार्गदर्शन का परिणाम रहा है कि विवि की ओर से कोविड-19 महामारी के कारण हुए लॉकडाउन में भी टेक्नोलॉजी के मदद से सक्रियता से कार्य करता रहा है। प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी एवं अपर मुख्य सचिव प्राविधिक शिक्षा राधा एस चौहान के निर्देशन ने भी विवि को शीर्ष पर पहुंचाने का कार्य किया है।
सम्मान पाकर खुश हुए 178 मेधावी
इस मौके पर कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के हाथों विश्वविद्यालय के 178 मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन धनराशि प्रदान करके सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों को विवि की टैलेंट इंसेंटिव स्कीम के अंतर्गत प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की गयी। इनमें उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा के 2018 एवं 2019 के 60 मेधावी, विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष के 42 मेधावी, विभिन्न पाठ्यक्रमों के द्वितीय वर्ष के 33 मेधावी, विभिन्न पाठ्यक्रमों के तृतीय वर्ष के 36 एवं चतुर्थ वर्ष के 7 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा के 2018 एवं 2019 के 60 मेधावी को 7500 रूपये बतौर प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की गयी। जबकि प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष एवं चतुर्थ वर्ष के प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 15000 रूपये एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 10000 रूपये की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की गयी।
टेक्नोलॉजी से भारत बनेगा आत्मनिर्भर: डॉ. सुधांशु त्रिवेदी
समारोह के दौरान राज्यसभा सदस्य डॉ.सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमें भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि विवि को टेक्नोलॉजी के इस दौर में ऐसी तकनीकी सुविधाएँ एवं उपकरण विकसित करने पर भी शोध कार्य करने चाहिए, जिसमें हम टेक्नोलॉजी के फालोवर बनने के स्थान पर टेक्नोलॉजी के लीडर बन सकें। उन्होंने कहा कि वैदिक गणित इस तरह के शोध कार्यों में सहायक सिद्ध हो सकती हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी सांसद विकास निधि से विवि को मोबाइल स्टूडियो वैन देने की घोषणा की।
फूड टेक्नोलॉजी में शोध कार्य हैं सराहनीय: राधा एस कृष्ण
राधा एस चौहान ने कहा कि एकेटीयू द्वारा तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सकारात्मक कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विवि द्वारा मानव के लिए उपयोगी टेक्नोलॉजी विकसित की जा रही है। कोविड-19 महामारी के दौरान विकसित किये गये उपकरण उदाहरण मात्र हैं।
उन्होंने कहा कि बाल विकास विभाग द्वारा प्रदान किये जाने वाले पुष्टाहार की गुणवत्ता की सुनिश्चतता के लिए एकेटीयू द्वारा फ़ूड टेक्नोलॉजी में शोध कार्यों के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जोकि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा विवि रोबोटिक्स, मैकाट्रोनिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शोध कार्यों के क्षेत्र ने उत्कृष्ट कार्य कर रहा है|
