जौनपुर : पराली जलाए जाने पर ग्राम प्रधान होंगे जिम्मेदार : उप जिलाधिकारी
अमृत विचार, मड़ियाहूं/ जौनपुर। स्थानीय कोतवाली परिसर में रविवार को उपजिलाधिकारी लाल बहादुर की अध्यक्षता में क्षेत्र के समस्त ग्राम प्रधानों व हल्का बीट के सिपाहियों की उपस्थिति में बैठक हुई । बैठक को संबोधित करते हुए उप जिलाधिकारी ने किसानों और प्रधानों से अपील किया कि किसी भी हाल में पराली नहीं जलाई जाएगी।
यदि किसी भी गांव में पराली जली तो उसके जिम्मेदार ग्राम प्रधान को माना जाएगा पराली जलने से सबसे पहले तो नुकसान किसान का ही होता है। उसके उपजाऊ भूमि की उर्वरक क्षमता कम हो जाती है। दूसरा वातावरण प्रदूषित होता है जो मनुष्य के सेहत के लिए हानिकारक है ।
क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार सिंह ने प्रधानों व किसानों को संबोधित करते हुए हल्का बीट के सिपाहियों को निर्देश दिया कि सभी लोग गांव में जाकर पराली न जलाने के संबंध में लोगों को जागरूक करें। यदि कोई पराली जलाता है तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराये । उन्होंने किसानों प्रधानों से अपील किया कि आप लोग गांव में ही पराली का बोझ बना कर रखे हो सके तो गौशाला में प्रधान के माध्यम से भेजें ।
यदि नहीं भेज पाते हैं तो कोतवाली में सूचना दें उसे पुलिस ट्रैक्टर पर लदवा कर गौशाला भेजने का कार्य करेगी। कोतवाल ओम नारायण सिंह ने बीट के सिपाहियों को निर्देश दिया कि यदि क्षेत्र में हार्वेस्टर दिखाई पड़े तो उसे कोतवाली लाकर खड़ा कर दे उन्होंने अंत में क्षेत्र से आए प्रधानों व किसानों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
