बाराबंकी : प्रसव पीड़ा से छतपटा रही महिला को सीएचसी से लौटाया
अमृत विचार ,हैदरगढ़/ बाराबंकी। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे एक प्रसूता पेड़ के नीच पड़ी बेंच पर दर्द से तड़प रही थी। बावजूद इसके जिम्मदार लोग अनदेखी कर रहे थे और परिवार जन प्रसूता की शरीर दबा रहे थे। परिजनों का आरोप है सीएचसी में सही इलाज नहीं किया जा रहा हैं।
बिहार का एक परिवार हैदरगढ़ कस्बे के मालीपुर गांव में मजूदरी करने आया था। परिवार के मुखिया ने बताया कि उनकी बहु सगुन गर्भवती थी। रविवार की सुबह करीब सात बजे बहू को प्रसव पीड़ा हुई तो एम्बुलेंस की मदद से उसे हैदरगढ़ की सीएचसी में ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र पर उनकी बहू को इलाज नहीं मिला।
लिहाजा वह अपनी बहू को वापस ले गए। लेकिन दोबार प्रसव पीड़ा हुई तो वह दोबारा उसे सीएचसी लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल महिला डॉक्टर सीएचसी हैदरगढ़ में नहीं थी। स्टाफ नर्स ने उनकी बहू को देखा लेकिन इलाज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने गर्भवती को पेड़ के नीचे पड़ी बेंच पर लिटाया।
इसके बाद परिजन इलाज की आस में पेड के नीचे घंटों बैठे रहे। अस्पताल के ईएमओ जय शंकर पांडे ने सफाई देते हुए बताया कि उन्होंने तीमारदारों को अस्पताल में प्रसूता को भर्ती करने के लिए कहा लेकिन वह अंदर नहीं आए। वहीं सीएचसी अधीक्षक हैदरगढ़ मुकुंद पटेल का कहना हैं कि प्रसव स्टाफ नर्स कराती है महिला डॉक्टर नहीं इसलिए महिला डॉक्टर वहां नहीं है। हालांकि प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
