बरेली: ट्रू नॉट मशीन से जांच करने वाले कर्मियों पर लापरवाही का आरोप
बरेली, अमृत विचार। संक्रमितों को जल्द ट्रेस कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के उदेश्य से शासन की ओर से भर्ती मरीजों की जांच को जिला अस्पताल में ट्रू नॉट मशीन लगवाई गई थी। लेकिन मरीजों की बजाए अन्य लोगों की प्राथमिता के आधार पर जांच की जा रही है। जिससे जिला अस्पताल प्रशासन की …
बरेली, अमृत विचार। संक्रमितों को जल्द ट्रेस कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के उदेश्य से शासन की ओर से भर्ती मरीजों की जांच को जिला अस्पताल में ट्रू नॉट मशीन लगवाई गई थी। लेकिन मरीजों की बजाए अन्य लोगों की प्राथमिता के आधार पर जांच की जा रही है। जिससे जिला अस्पताल प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़ा हो गया है।
जिला अस्पताल में भर्ती राम अवतार, राम भरोसे, ब्रिजेश, देवेंद्र पाठक, महेश कुमार, शिव दर्शन और एक अन्य की हालत को देखते हुए इलाज शुरू करने से पहले इनके सैंपल की जांच के लिए डॉक्टर ने संस्तुति की थी। बताया जा रहा है कि जांच के लिए शनिवार शाम तक सभी के सैंपल तो ले लिए गए मगर एक की भी रिपोर्ट नहीं दी गई। रविवार को जब दोपहर में डॉक्टर ने सैंपल की रिपोर्ट मांगी तो ट्रू नॉट से जांच करने वाले स्टाफ ने जांच से ही इनकार कर दिया। जिस पर डॉक्टर और स्टाफ में कहासुनी भी हुई।
बताते हैं कि शनिवार से रविवार के बीच 21 सैंपल की जांच की गई। इसमें से कुछ जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के भी हैं और ज्यादातर बाहर के लोगों के हैं। जबकि ट्रू नॉट मशीन से अस्पताल में भर्ती मरीजों की जांच प्राथमिक स्तर पर करने के निर्देश मिले हैं।
उधर, जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के अलावा ट्रू नॉट मशीन से गर्भवती महिलाओं की भी जांच होनी थी। लेकिन आरोप है कि यहां का स्टाफ गर्भवतियों के सैंपल की जांच में भी लेटलतीफी कर रहा है। आरोप है कि सैंपल लेकर जाने पर स्टाफ अस्पताल के कर्मचारी से अभद्र व्यवहार करते हुए लौटा देता है।
मामले पर महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया की गर्भवतियों के सिजेरियन से पहले सैंपल की जांच करानी जरूरी है। ऐसे में लेटलतीफी होने पर उनकी जांच को सैंपल भेजा जाता है। लेकिन ट्रू नॉट का स्टाफ अभद्रता करता है। सुबह भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट रात में या अगले दिन देते हैं। ऐसे में किसी दिन कोई बड़ी अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है।
