रामपुर: ट्रैकुलाइज गन से बेहोश कर पकड़ा तेंदुआ, आमानगढ़ के जंगल में छोड़ा

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Edited By Amrit Vichar
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स्वार क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना था तेंदुआ, खिड़की तोड़कर आंगनबाड़ी भवन में घुस गया था

स्वार में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, स्वार वन विभाग द्वारा आमानगढ़ के जंगल में छोड़ा गया तेंदुआ

स्वार/रामपुर, अमृत विचार। क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने तेंदुए को पीलीभीत से पहुंची ट्रैकुलाइज टीम ने बेहोश करके उसे पकड़ने के बाद पीपली वन में उपचार कर डीएफओ की देखरेख में जिला बिजनौर के अमानगढ़ जंगल मे छोड़ दिया गया। तेंदुए के पकड़े जाने पर वन विभाग ओर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

वन विभाग और क्षेत्रवासियों ने ली राहत की सांस
 ट्रैकुलाइज करने को पीलीभीत से बुलाई थी टीम

 क्षेत्र के गांव पैगंबरपुर शिवपुरी में तेंदुए ने खेत पर जा रहे ग्रमीण मौहर सिंह पर हमला बोल दिया था। शोर-शराबा सुनकर तेंदुआ आंगनबाड़ी भवन के पीछे रखे झाड़ झंकाड़ में घुस गया था। जिससे गांव के ग्रामीणों मे दहशत फैल गई थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। जिस पर डीएफओ राजीव कुमार, रेंजर मुजाहिद हुसैन ,वन दारोगा राजकुमार, सुशील कुमार आदि वन कर्मी मौके पर पहुंच गए थे। जाल व पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ देर बाद ही तेंदुए ने जाल के बराबर में आंगनबाड़ी के भवन की खिड़की को तोड़कर कमरे में घुस गया था। 

इस दौरान तेंदुआ घायल भी हो गया था। तब डीएफओ ने पीलीभीत में ट्रैकुलाइज टीम के डा. दक्ष गंगवार को सूचना देकर शीघ्र पहुंचने को कहा था। ट्रैकुलाइज टीम देर शाम को  गांव पहुंची गई थी। तेंदुए के न पकड़े जाने से ग्रामीणो में दहशत का माहौल बन गया था। ग्रामीण दहशत के मारे परिवार सहित अपने मकानों की छतों पर चढ़े रहे थे। ट्रैकुलाइज टीम के डा. दक्ष गंगवार ने टीम के साथ जिस कमरे में तेंदुआ घुसा हुआ था। उस कमरे के लेंटर में सुराख कर तेंदुए पर ट्रैकुलाइज गन से इंजेक्शन का प्रहार किया। जिससे तेंदुआ सेकेंडों में बेहोश हो कर गिर गया था। 

वनकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से तेंदुए को कमरे से निकालकर पिंजरे में बंद कर दिया था। दहशत में रहे ग्रामीणों एवं वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली। पिंजरे में कैद होने के बाद थोड़ी देर में ही तेंदुए को होश आया गया था। जिसकी दहाड़ से पूरा गांव गूंज उठा था ओर ग्रामीणों मे सिरहन दौड़ गई। वन विभाग की टीम पकड़े गए तेंदुए को लेकर पीपली वन स्थित सलारपुर चौकी पहुंच गई। 

सोमवार को पीलीभीत से आए ट्रैकुलाइज की टीम ने  तेंदुए को दर्दनाशक इंजेक्शन दिए। इसके बाद डीएफओ राजीव कुमार,वन क्षेत्राधिकारी मुजाहिद हुसैन, की आगुवाई में तेंदुए को लेकर बिजनोर के आमानगढ़ के जंगल को रवाना हो गये। जहां पकड़े गए तेंदुए को छोड़ दिया गया। वन रेंजर मुजाहिद हुसैन ने बताया कि पकड़े गए तेंदुए की उम्र लगभग 4 से 5 साल थी। तेंदुए बिजनोर के आमान गढ़ के जंगल मे छोड़ दिया है।

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